भारत-वेनेजुएला तेल व्यापार की वापसी? अमेरिकी नियंत्रण में फिर शुरू हो सकती है आपूर्ति

ट्रंप प्रशासन सख्त अमेरिकी निगरानी व्यवस्था के तहत भारत को वेनेजुएला से कच्चा तेल आयात करने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है. इससे वर्षों से ठप भारत-वेनेजुएला तेल व्यापार आंशिक रूप से फिर शुरू हो सकता है.

Shraddha Mishra

ट्रंप सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह एक नए और सख्त अमेरिकी निगरानी वाले ढांचे के तहत भारत को वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति देने के लिए तैयार है. यदि यह योजना लागू होती है, तो अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वर्षों से ठप पड़ा भारत-वेनेजुएला तेल व्यापार आंशिक रूप से फिर से शुरू हो सकता है. इससे भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की संभावना है.

ट्रम्प प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ तौर पर कहा है कि अमेरिका भारत को वेनेजुएला से तेल आयात की अनुमति देने के पक्ष में है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था के सभी नियम और शर्तें अभी तय की जा रही हैं. अधिकारी के अनुसार, यह पूरा व्यापार अमेरिकी सरकार की कड़ी निगरानी में होगा और तेल की बिक्री से मिलने वाली रकम भी नियंत्रित खातों में जमा की जाएगी.

भारत पहले भी था बड़ा खरीदार

अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस्टोफर राइट ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका लगभग सभी देशों को वेनेजुएला का तेल बेचने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है, लेकिन केवल एक सख्त नियंत्रण प्रणाली के तहत. उन्होंने बताया कि तेल का विपणन अमेरिकी सरकार करेगी और लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी रहेगा.

अमेरिकी प्रतिबंध लगने से पहले भारत वेनेजुएला के सबसे बड़े तेल खरीदारों में शामिल था. भारत की कई रिफाइनरियां भारी और जटिल कच्चे तेल को प्रोसेस करने के लिए वेनेजुएला पर निर्भर थीं. अगर यह आपूर्ति फिर से शुरू होती है, तो भारत को अपने ऊर्जा आयात में विविधता लाने का मौका मिलेगा, जो बढ़ती घरेलू मांग के लिहाज से अहम है.

अमेरिका की तेल बिक्री की बड़ी योजना

न्यूयॉर्क में हुए एक ऊर्जा सम्मेलन में क्रिस्टोफर राइट ने बताया कि अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला के 30 से 50 मिलियन बैरल जमा तेल को बाजार में उतारने की योजना बना रहा है. इसके बाद भविष्य में होने वाले उत्पादन से भी तेल बेचा जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण रहेगा.

ट्रम्प का बड़ा दावा: 50 मिलियन बैरल तेल की बिक्री

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के बाद हुए नए समझौते के तहत अमेरिका वहां के 50 मिलियन बैरल कच्चे तेल का शोधन और बिक्री करेगा. ट्रम्प ने इसे आर्थिक अवसर के साथ-साथ एक बड़े राजनीतिक बदलाव के रूप में बताया.

उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में कम से कम 100 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा. ट्रंप के मुताबिक, वर्षों के प्रतिबंध, खराब प्रबंधन और निवेश की कमी के कारण वेनेजुएला का तेल उद्योग कमजोर हो गया था, जिसे अब फिर से खड़ा किया जाएगा.

वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर अमेरिका का नियंत्रण

ट्रम्प प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को फिर से खोलने पर अमेरिका की सख्त पकड़ रहेगी. कौन-सी कंपनियां निवेश करेंगी, इसका फैसला भी वाशिंगटन ही करेगा. अमेरिकी तेल कंपनियों से वेनेजुएला के तेल ढांचे की मरम्मत और उत्पादन बढ़ाने में मदद करने को कहा गया है.

वैश्विक तेल बाजार पर असर संभव

फिलहाल वेनेजुएला में लाखों बैरल तेल भंडारण टैंकों और जहाजों में फंसा हुआ है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में वेनेजुएला के तेल निर्यात को अमेरिका नियंत्रित करेगा, हालांकि कुछ खेप गैर-अमेरिकी देशों को भी भेजी जा सकती हैं. इस पूरी प्रक्रिया से वैश्विक तेल व्यापार में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

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