इजरायल की स्ट्राइक के बाद ईरान का जवाबी हमला, मिसाइलों से गूंजा आसमान, मिडिल ईस्ट में जंग के हालात

इजरायली सेना ने कहा कि तेहरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद ईरान से इजरायल की ओर मिसाइलें दागी गईं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

मध्य पूर्व में तनाव उस समय और अधिक बढ़ गया जब इजरायली सेना ने दावा किया कि तेहरान पर उसके हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागीं. यह घटनाक्रम पहले से ही संवेदनशील क्षेत्रीय हालात में एक गंभीर और नाटकीय मोड़ के रूप में देखा जा रहा है. 

आम नागरिकों में दहशत

सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इजरायल के हमले के कुछ ही घंटों के भीतर देश के विभिन्न हिस्सों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे, जिससे आम नागरिकों में दहशत फैल गई. इजरायल ने इस सैन्य कार्रवाई को 'पूर्व-नियोजित' बताते हुए कहा कि इसका मकसद संभावित सुरक्षा खतरों को पहले ही खत्म करना था. 

इजरायली अधिकारियों का कहना है कि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर यह कदम उठाया गया. हालांकि, इस हमले के तुरंत बाद ईरान ने मिसाइलों के जरिए जवाब दिया, जिससे दोनों देशों के बीच टकराव और तीव्र हो गया. इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र को एक बड़े सैन्य संघर्ष के कगार पर ला खड़ा किया है.

संयुक्त राज्य अमेरिका का ईरान पर हमला 

इस बीच, दो अमेरिकी अधिकारियों ने जानकारी दी कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई और समुद्री हमलों की शुरुआत की है. अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान एक सीमित कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई दिनों तक जारी रह सकता है. हालांकि, इन हमलों का पूरा दायरा और नुकसान अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जारी एक रिकॉर्डेड संदेश में इस सैन्य अभियान को व्यापक और लगातार जारी बताया. उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना और उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को कमजोर करना है. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की मिसाइल क्षमता न केवल क्षेत्रीय सहयोगियों बल्कि अमेरिका के लिए भी सीधा खतरा है.

ट्रंप ने अपने बयान में क्या कहा? 

ट्रंप ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने नागरिकों और सहयोगियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है. उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने और संभावित खतरों को समाप्त करने के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है. इस तेजी से बदलते घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है और अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ेगा.

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