राजनयिकों के परिवारों की वापसी पर बांग्लादेश का जवाब, सुरक्षा खतरे से किया इनकार

भारत द्वारा बांग्लादेश में तैनात अपने राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने के फैसले पर ढाका ने कड़ा रुख अपनाया है.बांग्लादेश ने किसी भी तरह के सुरक्षा जोखिम से इनकार करते हुए इसे भारत का आंतरिक मामला बताया है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: भारत द्वारा बांग्लादेश में तैनात अपने राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने के फैसले के बाद ढाका की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है. बांग्लादेश ने साफ शब्दों में कहा है कि देश में विदेशी राजनयिकों या उनके आश्रितों को लेकर किसी भी तरह का सुरक्षा खतरा नहीं है.

बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने बुधवार को कहा कि भारत के इस कदम का कोई स्पष्ट कारण उन्हें समझ में नहीं आता और इस संबंध में नई दिल्ली की ओर से कोई औपचारिक संदेश भी प्राप्त नहीं हुआ है.

भारत ने चुनावों से पहले लौटने की दी सलाह

यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब भारत ने बांग्लादेश में तैनात भारतीय अधिकारियों के परिवारों को 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से पहले एहतियातन देश लौटने की सलाह दी थी. भारत ने इसके पीछे सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया था.

यह सलाह ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के साथ-साथ खुलना, चटोग्राम, राजशाही और सिलहट में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावासों में तैनात कर्मियों के परिवारों पर भी लागू होती है.

कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली: बांग्लादेश

विदेश मंत्रालय में मीडिया को संबोधित करते हुए मोहम्मद तौहीद हुसैन ने कहा कि भारत की ओर से इस फैसले को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की गई.

पीटीआई के अनुसार, हुसैन ने कहा, "शायद (भारत को) कोई आशंका है या वे कोई संदेश देना चाहते हैं, लेकिन मुझे इसका कोई स्पष्ट कारण समझ नहीं आ रहा है."

भारत ने बताया एहतियाती कदम

भारत ने इस कदम को पूरी तरह एहतियाती करार दिया है. आधिकारिक सूत्रों ने पीटीआई को बताया, "सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, एहतियात के तौर पर, हमने उच्चायोगों और डाकघरों में तैनात हमारे अधिकारियों के आश्रितों को भारत लौटने की सलाह दी है."

भारतीय अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला केवल परिवार के सदस्यों तक सीमित है और इससे किसी भी तरह की राजनयिक गतिविधि प्रभावित नहीं होगी.

मिशन और दूतावास पूरी तरह सक्रिय

सूत्रों के मुताबिक, "बांग्लादेश में मिशन और सभी चौकियां खुली और कार्यरत रहेंगी." इस सलाह के बावजूद भारत की राजनयिक उपस्थिति सामान्य रूप से काम कर रही है. हाल ही में ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग में गणतंत्र दिवस का स्वागत समारोह भी आयोजित किया गया था.

यह उनका आंतरिक मामला है

बांग्लादेश के विदेश सलाहकार ने भारत के फैसले को उसका आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि ढाका को इस पर कोई आपत्ति नहीं है.

उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से उनका आंतरिक मामला है. वे (भारत) किसी भी समय अपने अधिकारियों या परिवारों को देश छोड़ने के लिए कह सकते हैं."

आगे उन्होंने जोड़ा, "अगर वे ऐसा करना चाहते हैं, तो हम इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते."

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