अमेरिका में भारतीय ठग की तलाश कर रही FBI, पहचान चोरी का डर दिखाकर करता था ठगी
एफबीआई एक भारतीय नागरिक कल्पेश पटेल की तलाश कर रही है, जिस पर फोन के जरिए लोगों को डराकर नकदी और डेबिट कार्ड के माध्यम से ठगी करने का आरोप है. उसके खिलाफ अमेरिका में गिरफ्तारी वारंट जारी है.

नई दिल्ली: अमेरिका की प्रमुख जांच एजेंसी एफबीआई इन दिनों एक भारतीय नागरिक की तलाश में जुटी है, जिस पर बड़े पैमाने पर ठगी करने के आरोप लगे हैं. यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आरोपी ने कथित तौर पर कई लोगों को झांसे में लेकर उनसे बड़ी रकम ऐंठी और लंबे समय से फरार है.
Kalpeshkumar Rasikbhai Patel, also known as Kenny Patel, is #wanted by the #FBI for his alleged participation in a nationwide scheme to defraud multiple victims into transmitting large sums of money, usually in the form of cash and prepaid debit cards, to addresses throughout the… pic.twitter.com/txx9YtRKaz
— FBI (@FBI) March 18, 2026
कौन है आरोपी?
जिस व्यक्ति की तलाश की जा रही है उसका नाम कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल है. उसे केनी पटेल और कल्पेश पटेल जैसे नामों से भी जाना जाता है. एफबीआई के अनुसार उसकी उम्र करीब 35 साल है और वह अमेरिका के इलिनोइस और पेंसिल्वेनिया के बीच कहीं रह रहा हो सकता है या वहां यात्रा कर रहा है. बताया जाता है कि वह मूल रूप से भारत का रहने वाला है और पहले पेट्रोल पंप पर काम करता था. हालांकि बाद में वह कथित तौर पर एक बड़े ठगी नेटवर्क का हिस्सा बन गया.
किस मामले में है फरार?
कल्पेश पटेल पर मेल और वायर फ्रॉड यानी डाक और ऑनलाइन माध्यम से ठगी करने की साजिश रचने का आरोप है. इस मामले में अमेरिका की एक अदालत ने 22 जून 2023 को उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. यह वारंट केंटकी के पूर्वी जिले की संघीय अदालत से जारी हुआ, जिसके बाद से ही वह जांच एजेंसियों की नजर में है.
ठगी का तरीका क्या था?
एफबीआई के मुताबिक, आरोपी एक संगठित योजना के तहत लोगों को निशाना बनाता था. इस गिरोह के सदस्य फोन के जरिए लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें डर या भ्रम में डालते थे. पीड़ितों को यह कहा जाता था कि उनकी पहचान या निजी जानकारी किसी अपराध में इस्तेमाल हो रही है. इस डर के कारण लोग जल्दी भरोसा कर लेते थे और उनसे पैसे भेजने को कहा जाता था.
जांच में सामने आया है कि पीड़ितों से नकद रकम और प्रीपेड डेबिट कार्ड के जरिए पैसे मंगवाए जाते थे. उन्हें अलग-अलग पते दिए जाते थे, जहां यह रकम भेजनी होती थी. यह पूरा खेल इस तरह से रचा गया था कि पीड़ितों को असली खतरा महसूस हो और वे बिना ज्यादा सोच-विचार किए पैसे ट्रांसफर कर दें.
एफबीआई की अपील
एफबीआई ने आम लोगों से इस मामले में सहयोग की अपील की है. एजेंसी ने कहा है कि यदि किसी को भी कल्पेश पटेल के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वह नजदीकी एफबीआई कार्यालय, अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क कर सकता है. जांच एजेंसी का मानना है कि जनता की मदद से आरोपी तक पहुंचने में आसानी हो सकती है.


