Israel-Gaza War: बमबारी तेज, एक दिन में 108 लोगों की मौत, बच्चों और महिलाओं की तादाद ज्यादा

इजरायल ने गाजा में जोरदार हमले किए हैं जिसमें बच्चों और महिलाओं समेत कई लोगों की जान चली गई. यमन पर भी एयरस्ट्राइक हुआ है. माहौल और बिगड़ता जा रहा है. जानिए क्यों भड़की ये जंग, ट्रंप की यात्रा का क्या कनेक्शन है और अब आगे क्या हो सकता है – पढ़िए पूरी खबर.

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Edited By: Aprajita

Israel-Gaza War: गाजा में एक बार फिर हालात बेहद खतरनाक हो गए हैं. इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग लगातार भयानक होती जा रही है. आम नागरिक, खासकर महिलाएं और बच्चे इस हिंसा की सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं. शुक्रवार को इजरायली सेना ने गाजा में जबरदस्त एयरस्ट्राइक की, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. वहीं, यमन के हूती विद्रोहियों पर भी इजरायल ने जवाबी कार्रवाई की है. इस पूरी स्थिति ने मध्य-पूर्व को एक बार फिर तनाव के गंभीर दौर में पहुंचा दिया है.

गाजा में 108 लोगों की मौत, सबसे ज्यादा महिलाएं और बच्चे

इजरायल ने शुक्रवार को गाजा में आतंकवादियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की. सेना ने बताया कि उसने एक दिन पहले यानी गुरुवार को करीब 150 ठिकानों पर हमले किए थे. इन हमलों में आतंकियों के ठिकाने, एंटी-टैंक मिसाइल लॉन्चर और कई सैन्य ढांचे पूरी तरह तबाह कर दिए गए.

इन हमलों में स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक 108 लोग मारे गए, जिनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है. खान यूनिस और दीर-अल-बलाह जैसे इलाकों को खासतौर पर निशाना बनाया गया.

उत्तरी गाजा में आतंकियों का ऑपरेशन रुकवाया गया

इजरायल की सेना ने बताया कि उत्तरी गाजा में एक इमारत से ऑपरेशन चला रहे कई आतंकियों को निशाना बनाकर मार गिराया गया. जबालिया शरणार्थी शिविर और बेत लाहिया शहर के लोग डर से अपने घर छोड़कर भागने लगे. जबालिया के ऊपर काले धुएं का गुबार देखा गया.

इजरायल का मकसद: बंधकों की वापसी और हमास की सत्ता खत्म करना

इजरायली सरकार के प्रवक्ता डेविड मेन्सर ने बताया कि सेना का अभियान अब और तेज किया जा रहा है. उनका साफ कहना है कि इजरायल का मकसद हमास को सत्ता से हटाना और अपने कब्जे में लिए गए बंधकों को सुरक्षित वापस लाना है.

बंधकों के परिवारों ने भी इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से गुजारिश की है कि वो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर इस ऐतिहासिक मौके का फायदा उठाएं ताकि बंधकों को रिहा कराया जा सके.

ट्रंप की खाड़ी देशों की यात्रा और इजरायल की गैर-मौजूदगी

यह हमले उस समय हुए जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खाड़ी देशों की यात्रा पर थे. ट्रंप ने अबूधाबी में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह गाजा सहित कई वैश्विक संकटों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि उन्होंने इजरायल की यात्रा नहीं की, लेकिन उनका ध्यान इस क्षेत्र के हालात पर बना हुआ है.

हूती विद्रोहियों पर इजरायल का हमला – यमन के बंदरगाहों पर स्ट्राइक

गाजा में फलस्तीनियों के समर्थन में यमन के हूती विद्रोही इजरायल पर मिसाइलें दाग रहे हैं. जवाब में इजरायल ने शुक्रवार को यमन के होदेइदा और सालिफ बंदरगाहों पर एयरस्ट्राइक की. सेना का कहना है कि इन बंदरगाहों का इस्तेमाल हथियारों की तस्करी के लिए किया जा रहा था. इजरायल ने चेतावनी दी है कि अगर हूतियों के हमले जारी रहे तो उनके प्रमुख अब्दुल मलिक अल-हूती को सीधे निशाना बनाया जाएगा.

जंग की आग और भड़कने का खतरा

गाजा, यमन और इजरायल के बीच जारी यह हिंसा अब क्षेत्रीय संकट में बदलती दिख रही है. महिलाएं-बच्चे, आम लोग सबसे ज्यादा नुकसान झेल रहे हैं. इजरायली सेना हमले तेज कर रही है, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मसले पर बातचीत की जरूरत और भी बढ़ गई है.

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