अब शादी नहीं, अंग्रेजी दिलाएगी कनाडा एंट्री! स्पाउस वीजा नियमों ने पंजाब के हजारों परिवारों की बढ़ाई टेंशन
कनाडा जाने का सपना देखने वाले पंजाबी परिवारों के लिए बड़ी खबर है. कनाडाई सरकार स्पाउस वीजा नियम सख्त करने की तैयारी में है. नए प्रस्ताव के तहत जीवनसाथी के लिए IELTS जैसे अंग्रेजी टेस्ट जरूरी हो सकते हैं. इससे फर्जी शादियों पर रोक लगाने और इमिग्रेशन सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है.

पिछले कई सालों से कुछ लोग सिर्फ कनाडा जाने के लिए दिखावटी या कॉन्ट्रैक्ट मैरिज कर रहे थे. खासकर पंजाब में ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही थी. अब कनाडा सरकार ने इस रास्ते को बंद करने की तैयारी कर ली है. नए नियम लागू होने के बाद फर्जी शादी के जरिए वीजा हासिल करना आसान नहीं रहेगा. इमिग्रेशन एजेंटों के कारोबार पर भी इसका असर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और गलत तरीके से विदेश जाने के मामलों में कमी होगी.
अब IELTS टेस्ट होगा जरूरी
नए नियमों के तहत स्पाउस ओपन वर्क परमिट को IELTS या CELPIP टेस्ट जरूरी किया जा सकता है. भारत में रहने वाले जीवनसाथी को अंग्रेजी भाषा की जानकारी साबित करनी होगी. माना जा रहा है कि अलग-अलग नौकरियों के हिसाब से अलग CLB स्कोर तय किए जाएंगे.
कनाडा सरकार का मानना है कि भाषा की समझ होने से लोगों को वहां नौकरी और रोजमर्रा की जिंदगी में कम परेशानी होगी. इससे कामकाजी जगहों पर शोषण के मामले भी कम हो सकते हैं. पंजाब के कई युवा अब पहले से ही IELTS की तैयारी शुरू कर चुके हैं.
सिर्फ हाई स्किल्ड छात्रों को राहत
अब वही छात्र अपने जीवनसाथी को कनाडा बुला सकेंगे जो मास्टर्स, पीएचडी या प्रोफेशनल कोर्स कर रहे होंगे. सामान्य डिप्लोमा या साधारण कोर्स करने वालों के लिए यह रास्ता कठिन हो सकता है. इस फैसले का असर कई कॉलेजों में दाखिले के ट्रेंड पर भी पड़ सकता है.
छात्र अब कोर्स चुनने से पहले ज्यादा सोच-विचार करेंगे. कई परिवारों की भविष्य की योजनाओं पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है. इमिग्रेशन सेक्टर से जुड़े लोग इसे कनाडा की नई सख्त नीति मान रहे हैं.
पंजाब के युवाओं को बड़ा झटका
हर साल पंजाब से बड़ी संख्या में छात्र और परिवार कनाडा का रुख करते हैं. कई लोग शादी के जरिए वहां बसने का सपना देखते थे. अब नए नियमों के कारण अंग्रेजी में कमजोर युवाओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
गांवों में रहने वाले परिवार इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं. कई लोगों ने पहले ही लाखों रुपये खर्च करके अपनी फाइलें लगा रखी हैं. अब उनके बीच अनिश्चितता और चिंता का माहौल बन गया है.
2027 तक लागू हो सकते हैं नए नियम
फिलहाल यह सिर्फ एक प्रस्ताव है और अभी इसे अंतिम मंजूरी नहीं मिली है. IRCC इसे जनता के सुझावों के लिए जारी करने की तैयारी कर रहा है. माना जा रहा है कि ये नए नियम 2026 के आखिर या 2027 की शुरुआत तक लागू हो सकते हैं. तब तक पुराने नियमों के तहत वीजा आवेदन जारी रहेंगे. सरकार लोगों की राय भी ले सकती है. इसलिए कई परिवार अभी भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं.


