डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ आलोचकों को कहा मूर्ख, आम जनता को 2000 डॉलर का वादा
डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ यानी आयात शुल्क संबंधी रुख का कड़ा बचाव किया. डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार अमेरिका की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और देश को पहले से अधिक संपन्न बना दिया है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने टैरिफ यानी आयात शुल्क संबंधी रुख का कड़ा बचाव किया और इसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी बताया. 9 नवंबर को ट्रुथ सोशल पर साझा किए गए अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि जो लोग टैरिफ का विरोध कर रहे हैं, वे 'मूर्ख' हैं.
टैरिफ पर डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार अमेरिका की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है और देश को पहले से अधिक संपन्न बना दिया है. ट्रंप का कहना है कि उनकी नीतियों के चलते अमेरिका आज दुनिया का सबसे समृद्ध और सम्मानित देश बन चुका है. उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में है, जिसमें कम महंगाई, मजबूत शेयर बाजार और बढ़ते निवेश शामिल हैं. इसके अलावा, अमेरिकी नागरिकों के रिटायरमेंट अकाउंट्स यानी 401k फंड्स भी अब इतिहास में सबसे उच्च स्तर पर हैं.
टैरिफ से होने वाली आय के बारे में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका “ट्रिलियंस ऑफ डॉलर” कमा रहा है. उनका मानना है कि इस अतिरिक्त आमदनी की मदद से देश अपना लगभग 37 ट्रिलियन डॉलर का भारी कर्ज जल्द ही घटाना शुरू कर सकता है. हालांकि, अर्थशास्त्रियों का कहना है कि टैरिफ से होने वाले लाभ के दावे को ठोस आंकड़ों के आधार पर साबित करना अभी बाकी है.
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि अमेरिका में निवेश रिकॉर्ड स्तर पर है और पूरे देश में नई फैक्ट्रियां और उत्पादन केंद्र बन रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि इसी टैरिफ नीति के चलते आने वाले समय में हर अमेरिकी नागरिक को कम से कम 2000 डॉलर का डिविडेंड मिलेगा. हालांकि, उन्होंने इस योजना की कार्यप्रणाली या लागू होने की समयसीमा के बारे में कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया.
अमेरिकी आर्थिक नीतियों पर नई बहस
ट्रंप के इस बयान ने अमेरिकी आर्थिक नीतियों पर नई बहस को जन्म दे दिया है. उनके समर्थक इसे आर्थिक मजबूती का संकेत मान रहे हैं, जबकि आलोचक टैरिफ को महंगाई बढ़ाने वाला और आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला कदम बता रहे हैं. साथ ही, ट्रंप द्वारा दिए गए 2000 डॉलर डिविडेंड के वादे को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं, जैसे यह योजना कब और कैसे लागू होगी और इसके लिए सरकार की तैयारियां कितनी हैं.


