डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: भारत-पाक युद्ध मैंने रुकवाया, 11 फाइटर जेट हुए तबाह

डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने साल 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव को खत्म कराने में अहम भूमिका निभाई थी.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने वर्ष 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव को खत्म कराने में अहम भूमिका निभाई थी. हालांकि नई दिल्ली ने पहले भी ऐसे दावों को स्पष्ट रूप से खारिज किया है और दोहराया है कि यह मामला दोनों देशों के बीच ही सुलझाया गया था. इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता शामिल नहीं थी. इसके बावजूद ट्रंप लगातार इस मुद्दे पर खुद को शांति स्थापित करने वाला नेता बताते रहे हैं.

वॉशिंगटन में आयोजित कार्यक्रम में क्या बोले ट्रंप? 

हाल ही में वॉशिंगटन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने फिर कहा कि उन्होंने दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया था. इस बार उनके बयान में एक नया दावा भी जुड़ गया. उन्होंने कहा कि उस टकराव के दौरान कुल 11 लड़ाकू विमान मार गिराए गए थे. यह संख्या उनके पहले के बयानों से अलग है, क्योंकि शुरुआत में उन्होंने केवल पांच विमानों के नुकसान की बात कही थी. बाद में यह आंकड़ा सात, आठ और दस तक पहुंचा और अब उन्होंने इसे बढ़ाकर 11 कर दिया है. हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन विमानों में से किस देश को कितना नुकसान हुआ.

ट्रंप ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जब उन्हें एहसास हुआ कि इस सैन्य टकराव के कारण भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है, तब उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप करने का फैसला किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने दोनों देशों के शीर्ष नेताओं से सीधे फोन पर बातचीत की और उन्हें संघर्ष समाप्त करने के लिए राजी किया. ट्रंप के अनुसार, उन्होंने यह संकेत भी दिया था कि अगर तनाव कम नहीं हुआ तो अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों पर असर पड़ सकता है. उनका कहना था कि इस सख्त रुख के बाद दोनों पक्ष पीछे हट गए और हालात सामान्य होने लगे.

ट्रंप का दावा

अपने बयान में ट्रंप ने नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख किया और कहा कि उनकी प्रधानमंत्री से बातचीत हुई थी. ट्रंप ने दावा किया कि इस बातचीत के बाद हालात में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला. हालांकि भारत सरकार ने लगातार यह स्पष्ट किया है कि संघर्ष के दौरान किसी भी बाहरी देश की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की गई थी.

ट्रंप के इन बयानों ने एक बार फिर कूटनीतिक हलकों में चर्चा को जन्म दे दिया है. जहां ट्रंप अपने हस्तक्षेप को निर्णायक बता रहे हैं. वहीं, भारत अपने रुख पर कायम है कि यह मुद्दा द्विपक्षीय स्तर पर ही सुलझाया गया था. ऐसे में ट्रंप के दावों और भारत के आधिकारिक रुख के बीच अंतर साफ दिखाई देता है, जिससे यह मुद्दा अभी भी राजनीतिक और कूटनीतिक बहस का विषय बना हुआ है.

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