रिहा हुए बंधकों की घर वापसी, ट्रंप को इजरायली संसद में खड़े होकर मिली तालियां

इज़राइली संसद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जोरदार स्वागत हुआ, जहां प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उन्हें इज़राइल का सबसे बड़ा मित्र बताया. ट्रंप ने अपने भाषण में क्षेत्रीय शांति और ईरान से संवाद की संभावनाओं पर ज़ोर दिया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइली संसद (नेसेट) का दौरा किया, जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ. सदन में मौजूद सांसदों ने तालियों की गड़गड़ाहट और गर्मजोशी के साथ उनका अभिनंदन किया. इस अवसर पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और इज़राइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकबी को दोनों देशों के मजबूत रिश्तों में योगदान देने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया. ट्रंप जल्द ही संसद को संबोधित करने वाले थे.

ट्रंप का भावुकतापूर्ण स्वागत

ट्रंप के संबोधन से पहले, इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनका भावुकतापूर्ण स्वागत किया. अपने भाषण में नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप ने इज़राइल के लिए जो किया है, वह आज तक किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने नहीं किया. उन्होंने अब्राहम समझौते की मध्यस्थता, ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका को बाहर निकालने और सैन्य अभियानों में अमेरिका के समर्थन की विशेष सराहना की. नेतन्याहू ने ट्रंप को "व्हाइट हाउस में इज़राइल का सबसे बड़ा और सच्चा मित्र" बताया.

प्रधानमंत्री ने हमास के साथ चल रहे संघर्ष का ज़िक्र करते हुए कहा कि इज़राइल ने भारी कीमत चुकाई है, लेकिन देश की ताकत और इच्छाशक्ति को दुनिया ने पहचाना है. उन्होंने कहा कि हम ताकत के ज़रिए शांति की स्थापना करते हैं. 7 अक्टूबर का हमला एक भारी भूल थी और हमारे दुश्मनों ने यह समझ लिया है कि इज़राइल को कमज़ोर नहीं किया जा सकता.

 शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता

अपने संबोधन में नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ भविष्य में फिर से शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने दोहराया कि अब्राहम समझौते जैसे प्रयासों के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता लाई जा सकती है. नेसेट के अध्यक्ष अमीर ओहाना ने भी ट्रंप की सराहना करते हुए उन्हें यहूदी इतिहास की महान शख्सियतों में से एक कहा और क्षेत्रीय शांति के लिए उनके योगदान को याद किया.

ट्रंप का यह दौरा उस समय हुआ जब हाल ही में अमेरिका की मध्यस्थता से 20 बंधकों की सुरक्षित रिहाई हुई थी. इससे पहले ट्रंप ने बंधकों के परिजनों से निजी मुलाकात की, जिसमें केवल सरकारी फोटोग्राफरों को शामिल होने की अनुमति दी गई थी. अपने भाषण में ट्रंप ने कूटनीति और संवाद की अहमियत पर जोर दिया और कहा कि ईरान के लिए भी सहयोग का रास्ता हमेशा खुला है. उनकी इस बात पर सांसदों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली.

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