बांग्लादेश में मतदान के दिन हत्या, मदरसे के भीतर बीएनपी नेता पर हमला
बांग्लादेश में जारी आम चुनाव के दौरान बीएनपी के एक वरिष्ठ नेता की हत्या हो गई. मतदान के दिन दर्ज की गई यह पहली आधिकारिक हत्या बताई जा रही है.

बांग्लादेश में जारी आम चुनाव के दौरान शनिवार को खुलना में हिंसा भड़क उठी, जहां बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के समर्थकों के बीच टकराव हो गया. इस झड़प में बीएनपी के एक वरिष्ठ नेता की मौत हो गई. मतदान के दिन दर्ज की गई यह पहली आधिकारिक हत्या बताई जा रही है. घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में हालात काबू में करने के लिए सेना तैनात कर दी है.
प्रशासन का क्या कहना है?
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार खुलना के एक आलिया मदरसा केंद्र पर वोटिंग शुरू होने के कुछ समय बाद धांधली के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हुआ. आरोप है कि इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. इस दौरान बीएनपी के पूर्व कार्यालय सचिव हिफ़ुज़्ज़मान कोच्चि गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है. घटनास्थल और आसपास के इलाकों से सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
बीएनपी नेताओं ने दावा किया है कि जिस मदरसे में यह घटना हुई, उसका प्रबंधन जमात से जुड़ा हुआ है. उनका आरोप है कि जब उनके नेता मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने वहां पहुंचे तो दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट और फिर हिंसा में बदल गई.
मतदान केंद्र पर कॉकटेल बम फेंके जाने की खबर
गोपालगंज सदर उपजिला में भी एक मतदान केंद्र पर कॉकटेल बम फेंके जाने की खबर सामने आई है. इस हमले में तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं. गोपालगंज को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का मजबूत गढ़ माना जाता है और वहां सुबह से ही तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है.
राजधानी ढाका में भी मतदान को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. जमात ने ढाका-15 क्षेत्र के 13 बूथों पर अनियमित मतदान का आरोप लगाया है. वहीं निर्दलीय उम्मीदवार तस्नीम जारा ने दावा किया है कि उन्हें एक केंद्र से बाहर निकाल दिया गया. वह ढाका-9 सीट से चुनाव मैदान में हैं.
इन घटनाओं पर बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने चिंता जताते हुए सुरक्षा एजेंसियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. देश की 299 संसदीय सीटों पर मतदान हो रहा है और सरकार बनाने के लिए 150 सीटों का बहुमत जरूरी है. इस चुनाव में बीएनपी और जमात के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है. तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं. उनकी मां खालिदा जिया पहले देश की प्रधानमंत्री रह चुकी हैं.


