बांग्लादेश में हिंदू ऑटो ड्राइवर को पीट-पीटकर, चाकू घोंपकर मारा गया, मात्र 42 दिनों में 12 हिंदुओं की हत्या
28 साल के समीर कुमार दास की दिल दहला देने वाली कहानी है. फेनि जिले के डागोंभुइयां इलाके में ऑटोरिक्शा चलाने वाले समीर को हमलावरों ने बुरी तरह पीटा. पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने उन्हें जमकर मारा और फिर उनकी ऑटोरिक्शा लेकर फरार हो गए.

नई दिल्ली: बांग्लादेश में जारी अशांति के बीच अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों की एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. देश के फेनी जिले में 28 वर्षीय हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जिससे पूरे इलाके में तनाव और डर का माहौल बन गया है. इस ताजा वारदात के बाद हिंसा में जान गंवाने वाले हिंदुओं की संख्या बढ़कर 12 हो चुकी है.
बताया जा रहा है कि यह हिंसा भारत-विरोधी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़के विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई है. लगातार हो रही घटनाओं ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
फेनी में ऑटो चालक की बेरहमी से हत्या
मृतक की पहचान समीर कुमार दास के रूप में हुई है, जो फेनी जिले के डागनभुइयां इलाके में ऑटो रिक्शा चलाकर अपना जीवन यापन करता था. पुलिस के मुताबिक, रविवार (11 जनवरी) की रात एक भीड़ ने उस पर हमला कर दिया और उसे बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला.
हमले के बाद हमलावर उसका ऑटो रिक्शा भी लेकर फरार हो गए. कुछ समय बाद समीर कुमार दास का शव एक उप-जिला अस्पताल के पास मिला. पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे लूटपाट और हत्या का मामला बताया है. फिलहाल मामले की जांच जारी है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.
इससे पहले भी हिंदू कारोबारी की हुई थी हत्या
समीर की हत्या से कुछ दिन पहले नरसींगदी जिले में एक हिंदू किराना दुकानदार पर उसकी दुकान में हमला किया गया था. गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना की भी जांच बांग्लादेशी प्रशासन कर रहा है.
बीते एक हफ्ते में दो और हिंदुओं की मौत
पिछले सप्ताह धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा में दो और हिंदू पुरुषों की जान चली गई. सिलहट में जॉय मोहापात्रा की शुक्रवार को अस्पताल में मौत हो गई. आरोप है कि मोबाइल फोन की किश्त को लेकर हुए विवाद के बाद उसने जहर खा लिया था.
हालांकि, उसके परिवार का दावा है कि जॉय को दुकानदार आमिरुल इस्लाम ने 500 टका की किश्त को लेकर पीटा, अपमानित किया और उकसाया, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया.
भीड़ से बचने के लिए नहर में कूदे युवक की मौत
एक अन्य घटना में उत्तर-पश्चिमी बांग्लादेश में 25 वर्षीय मिथुन सरकार की मौत हो गई. भीड़ ने उस पर चोरी का आरोप लगाया था, जिससे बचने के लिए वह नहर में कूद गया और डूबने से उसकी जान चली गई.
अल्पसंख्यकों पर हमलों का आरोप
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने आरोप लगाया है कि पिछले दो हफ्तों में कई गंभीर घटनाएं हुई हैं. संगठन के अनुसार, इस दौरान एक हिंदू विधवा के साथ बलात्कार हुआ, एक हिंदू ज्वैलरी शॉप में लूटपाट की गई और उत्तर-पश्चिमी कुरीग्राम जिले की हिंदू डिप्टी कमिश्नर को डराया-धमकाया गया, जब वह चुनाव रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में अपनी ड्यूटी निभा रही थीं.
खबरों के मुताबिक, परिषद ने कहा कि बीते सात दिनों में भी ऐसी ही घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें बलात्कार, लूट और प्रशासनिक अधिकारियों को डराने के मामले शामिल हैं.
सरकार का रुख और आगामी चुनाव
मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार ने इन हत्याओं की निंदा तो की है, लेकिन उसने बार-बार इन घटनाओं को 'not communal' बताया है और मौतों की संख्या को 'mere exceptions' करार दिया है. बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं, जो शेख हसीना की सरकार के हटने के बाद पहली बार कराए जाएंगे.


