गोइंग डार्क क्या है? जिसका इस्तेमाल कर तेल से भरे भारतीय जहाज ने ईरान-इजरायल को दिया चकमा
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा मंडराया हुआ है. इस खतरे से निकलकर शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स जहाज 'गोइंग डार्क' बंद करके भारत पहुंच गया है.

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष ने समुद्री रास्तों को खतरनाक बना दिया है. होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमलों का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर भारत के लिए रवाना एक जहाज ने इस जोखिम भरे रास्ते को पार कर मुंबई पहुंचकर सबको चौंका दिया. यह जहाज युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज से सुरक्षित गुजरकर भारत पहुंचने वाला पहला जहाज है.
शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स की यात्रा
लाइबेरिया ध्वज वाला शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स जहाज ने 1 मार्च को सऊदी अरब के रास तनूरा बंदरगाह से 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल लोड किया. 3 मार्च को रवाना होने के बाद यह जहाज होर्मुज स्ट्रेट के पास फंस गया.
8 मार्च को स्ट्रेट के अंदर इसका आखिरी ट्रैकिंग सिग्नल मिला, उसके बाद यह पूरी तरह गायब हो गया. कुछ समय बाद यह फिर दिखाई दिया और बुधवार को मुंबई बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंच गया.
जहाज के क्रू ने खतरनाक इलाके से गुजरते समय अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) बंद कर दिया था. समुद्री भाषा में इसे 'गोइंग डार्क' कहते हैं.
'गोइंग डार्क' क्या है?
AIS एक ऐसा सिस्टम है जो जहाज की लोकेशन, गति, दिशा और पहचान की जानकारी लगातार प्रसारित करता है. सामान्य हालात में अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार इसे हमेशा चालू रखना जरूरी है, ताकि अन्य जहाजों और तटीय अधिकारियों को टक्कर से बचाव और निगरानी में मदद मिले, लेकिन युद्ध, समुद्री डकैती या उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में जहाजों के कप्तान कभी-कभी AIS बंद कर देते हैं.
इससे जहाज ट्रैकिंग से गायब हो जाता है और दुश्मन या हमलावरों की नजर से बच सकता है. 'गोइंग डार्क' का मतलब जहाज का जानबूझकर अदृश्य हो जाना है, ताकि सुरक्षित गुजर सके. हालांकि, यह नियमों के खिलाफ हो सकता है, लेकिन सुरक्षा के लिए कई बार इसे अपनाया जाता है.
भारतीय कप्तान और 29 क्रू
इस जहाज का कप्तान भारतीय कैप्टन सुक्षांत सिंह संधू हैं. क्रू में 29 सदस्य हैं, जिनमें भारतीय, पाकिस्तानी और फिलिपिनो नाविक शामिल हैं. जहाज अब मुंबई के जवाहर द्वीप टर्मिनल पर है.
तेल उतारने में करीब 36 घंटे लगेंगे, जिसके बाद यह माहुल रिफाइनरियों में जाएगा. हालांकि शेनलॉन्ग सुरक्षित पहुंच गया, लेकिन एक थाई जहाज मयूरी नारी पर होर्मुज में प्रोजेक्टाइल हमला हुआ, जिसमें आग लग गई और 3 क्रू लापता हैं.


