हाथी और ड्रैगन एक साथ आ जाएं...गणतंत्र दिवस की शुभकामना के साथ चीनी राष्ट्रपति ने की संबंधों को सुधारने की वकालत

भारत अमेरिकी टैरिफ दबाव में है, ऐसे समय में चीन ने गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएं दीं. शी जिनपिंग ने सहयोग और स्थिर संबंधों पर जोर दिया. सीमा गतिरोध के बाद रिश्ते सुधरे, वीजा, उड़ान और मानसरोवर यात्रा फिर शुरू हुई.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्ली: भारत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के कारण आर्थिक दबाव में है, ऐसे समय में बीजिंग ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस संदेश में कहा कि ड्रैगन और हाथी का एक साथ नृत्य करना दोनों देशों के लिए सर्वोत्तम विकल्प है. उन्होंने भारत और चीन को अच्छे पड़ोसी, मित्र और साझेदार बताते हुए सहयोग और विकास को प्राथमिकता देने की बात कही.

चीनी राजदूत ने क्या कहा?

भारत में चीनी राजदूत जू फीहोंग ने कहा कि चीन और भारत को एक-दूसरे के लिए सहयोगी और मित्रवत दृष्टिकोण अपनाना चाहिए. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के लिए यह जरूरी है कि वे एक-दूसरे की सफलता में मदद करें और अपने संबंधों को सामरिक और आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाएं. जू फीहोंग ने इस अवसर पर टैंगो नृत्य का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे दो साथी तालमेल के साथ नृत्य करते हैं, वैसे ही भारत और चीन को भी अपने हितों को संतुलित करते हुए साथ काम करना चाहिए.

शी का संदेश

राष्ट्रपति शी ने यह भी कहा कि भारत और चीन के बीच संबंध केवल द्विपक्षीय हितों के लिए ही नहीं, बल्कि विश्व शांति और समृद्धि में योगदान देने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने जोर दिया कि दोनों देशों को एक-दूसरे की सफलता में मदद करनी चाहिए और संबंधों को स्थिर, स्वस्थ और दीर्घकालिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए.

प्रधानमंत्री मोदी को भी बधाई

गणतंत्र दिवस के दिन ही चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई संदेश भेजा. यह संदेश दोनों देशों के बीच हालिया सुधार की दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत है.

सीमा विवाद के बाद संबंधों में सुधार

भारत और चीन के संबंध 2020 में पूर्वी लद्दाख में हुई तनातनी के बाद तनावपूर्ण हो गए थे. इसके बावजूद, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी के बीच 2024 में कजान और 2025 में तियानजिन में हुए दो शिखर सम्मेलनों के बाद संबंधों में सुधार देखा गया है. अगस्त 2025 में हुए शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं ने सीमा संबंधी मुद्दों के “निष्पक्ष” समाधान और सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की.

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गतिरोध समाप्त

पिछले कुछ महीनों में भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में चार साल से अधिक समय से चल रहे सैन्य गतिरोध को समाप्त करने के लिए कई कदम उठाए हैं. जुलाई में भारत ने चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीजा जारी करना फिर से शुरू किया. इसके अलावा कैलाश मानसरोवर यात्रा, सीधी उड़ानों की बहाली और राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ का स्मरणोत्सव भी आयोजित किया गया. अक्टूबर से दोनों देशों के बीच वीजा सुविधा और सीधी उड़ानें फिर से शुरू हो रही हैं.

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