होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका की चुनौती बढ़ी, इंटेलिजेंस रिपोर्ट में खुलासा- ईरान खोलने के मूड में नहीं

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहरा गया है. इंटेलिजेंस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ईरान फिलहाल इस अहम समुद्री मार्ग को खोलने के मूड में नहीं है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कूटनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है. यह अहम समुद्री मार्ग अब सिर्फ ऊर्जा आपूर्ति का रास्ता नहीं, बल्कि रणनीतिक दबाव का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है.

अमेरिकी इंटेलिजेंस की हालिया रिपोर्ट ने संकेत दिया है कि ईरान फिलहाल इस स्ट्रेट को खोलने के पक्ष में नहीं है. इससे न केवल अमेरिका की रणनीति पर सवाल खड़े हुए हैं, बल्कि वैश्विक बाजार में भी अस्थिरता बढ़ने की आशंका गहरा गई है.

इंटेलिजेंस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान इस समय होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के मूड में नहीं है. तेहरान इसे अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव बनाने के एक प्रभावी साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहा है.

यह समुद्री मार्ग दुनिया की लगभग 20% तेल और गैस सप्लाई का प्रमुख रास्ता है, इसलिए इसका बंद रहना वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डाल सकता है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान जानबूझकर इस मार्ग को बाधित कर रहा है, ताकि तेल की कीमतें ऊंची बनी रहें और अमेरिका पर दबाव बढ़े.

होर्मुज स्ट्रेट खोलना आसान नहीं

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका आसानी से इस रास्ते को खुलवा सकता है. उन्होंने कहा था, "थोड़ा और समय मिला, तो हम इसे खोल देंगे."

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक स्थिति इससे कहीं ज्यादा जटिल है. होर्मुज स्ट्रेट की भौगोलिक बनावट इसे बेहद संवेदनशील बनाती है.

भौगोलिक स्थिति बनाती है चुनौतीपूर्ण

यह समुद्री मार्ग अपने सबसे संकरे हिस्से में केवल 33 किलोमीटर चौड़ा है, जबकि जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता मात्र 3-3 किलोमीटर का है. इस कारण यहां से गुजरने वाले जहाज आसानी से निशाना बन सकते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है.

ड्रोन, मिसाइल और माइन से बढ़ा खतरा

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस स्थिति का लाभ उठाते हुए ड्रोन, मिसाइल और समुद्री माइन के जरिए इस क्षेत्र को बेहद खतरनाक बना दिया है.

कई कमर्शियल जहाज अब इस मार्ग से गुजरने से बच रहे हैं. कुछ मामलों में जहाजों पर हमले और टोल वसूली की घटनाएं भी सामने आई हैं.

सैन्य कार्रवाई से बढ़ सकता है खतरा

रिपोर्ट के मुताबिक, यदि अमेरिका इस स्ट्रेट को सैन्य बल के जरिए खोलने की कोशिश करता है, तो इससे संघर्ष और लंबा व खतरनाक हो सकता है.

पूर्व CIA डायरेक्टर बिल बर्न्स ने भी चेतावनी दी है कि ईरान इस रणनीतिक ताकत को आसानी से छोड़ने वाला नहीं है. उनके अनुसार, तेहरान इस मार्ग का उपयोग भविष्य में किसी भी शांति समझौते में अपने हित सुरक्षित करने के लिए कर सकता है.

वैश्विक राजनीति का 'चोक पॉइंट' बना होर्मुज

स्पष्ट है कि होर्मुज स्ट्रेट अब केवल एक समुद्री मार्ग नहीं रहा, बल्कि वैश्विक राजनीति का सबसे अहम 'चोक पॉइंट' बन गया है. इसे खोलना अब अमेरिका के लिए सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि कूटनीतिक और रणनीतिक चुनौती भी बन चुका है.

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