ईरान आगबबूला! बोला- 24 घंटे में सीजफायर की तीनों शर्तें तोड़ी गईं, अब न जंग रुकेगी, न बातचीत होगी

ईरानी संसद के अध्यक्ष ने साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि सीजफायर की 10 बड़ी शर्तों में से तीन का उल्लंघन हो चुका है. अब न तो सीजफायर का कोई मतलब रह गया है, न ही आगे बातचीत की कोई गुंजाइश है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर महज 24 घंटे के अंदर ही टूटने के कगार पर पहुंच गया है. ईरान ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि समझौते की तीन प्रमुख शर्तों का उल्लंघन किया गया है. इस्लामाबाद में स्थायी समझौते के लिए बातचीत शुरू होने से पहले ही सीजफायर अधर में लटकता नजर आ रहा है.

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने स्पष्ट रूप से कहा है कि 10-प्वाइंट प्रस्ताव की तीन शर्तों के उल्लंघन के बाद न तो सीजफायर का कोई मतलब रह गया है और न ही आगे बातचीत का. ईरान का आरोप इजरायल और अमेरिका दोनों पर है.

ईरान का सीजफायर उल्लंघन का आरोप

ईरान ने कहा है कि सीजफायर डील की तीन महत्वपूर्ण शर्तों का खुला उल्लंघन किया गया है. ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने लिखा है, अब जिस व्यावहारिक आधार पर बातचीत की जा सकती है, उसी को वार्ता शुरू होने से पहले ही खुले तौर पर और स्पष्ट रूप से तोड़ दिया गया है. ऐसी स्थिति में द्विपक्षीय युद्धविराम या बातचीत करना उचित नहीं है.

पहली शर्त का उल्लंघन

10-प्वाइंट प्रस्ताव की पहली शर्त लेबनान में सीजफायर से जुड़ी थी. ईरान के अनुसार इस प्रतिबद्धता का पालन नहीं किया गया. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस शर्त का जिक्र करते हुए कहा था, हर जगह तुरंत सीजफायर, जिसमें लेबनान और अन्य क्षेत्र भी शामिल हैं, और जो तुरंत प्रभाव से लागू हो. लेकिन ईरान का आरोप है कि इजरायल ने लेबनान पर अब तक की सबसे बड़ी बमबारी शुरू कर दी है, जो इस शर्त का स्पष्ट उल्लंघन है.

दूसरी शर्त का उल्लंघन

दूसरी शर्त में साफ कहा गया था कि ईरान के हवाई क्षेत्र का आगे कोई उल्लंघन नहीं होगा. ईरान ने आरोप लगाया कि एक घुसपैठ करने वाला ड्रोन उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया, जिसे फार्स प्रांत के लार शहर में मार गिराया गया. ईरान इसे सीजफायर शर्त का सीधा उल्लंघन मान रहा है.

तीसरी शर्त का उल्लंघन

तीसरी शर्त सीजफायर ढांचे की छठी शर्त से जुड़ी थी, जिसमें ईरान के यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) के अधिकार को मान्यता दी गई थी. ईरान का आरोप है कि इस अधिकार को नकारा गया है, जो समझौते का साफ उल्लंघन है.

ईरान का सख्त रुख

ईरानी संसद अध्यक्ष ने साफ लिखा है, अब जिस व्यावहारिक आधार पर बातचीत की जा सकती है, उसी को वार्ता शुरू होने से पहले ही खुले तौर पर और स्पष्ट रूप से तोड़ दिया गया है. ऐसी स्थिति में द्विपक्षीय युद्धविराम या बातचीत करना उचित नहीं है.

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