बलूच हमले से दहला पाकिस्तान, चीन के बांध प्रोजेक्ट बचाने के लिए स्पेशल फोर्स बनाएगी शहबाज सरकार
क्वेटा में हमले के बाद सरकार ने देश के जल और बिजली क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा के लिए एक नई विशेष फोर्स बनाने का फैसला तेज कर दिया है. वहीं इस फोर्स का नाम वापदा सुरक्षा बल रखा गया है.

नई दिल्ली: बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में हुए बड़े आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार दबाव में नजर आ रही है. बता दें, इस हमले के बाद सरकार ने देश के जल और बिजली क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा के लिए एक नई विशेष फोर्स बनाने का फैसला तेज कर दिया है. वहीं इस फोर्स का नाम वापदा सुरक्षा बल रखा गया है, जिसे वापदा सुरक्षा बल अधिनियम 2026 के तहत गठित किया जाएगा.
क्या है इसका उद्देश्य
जानकारी के अनुसार, सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य जल और विद्युत विकास प्राधिकरण (Wapda) के तहत आने वाले अहम इंफ्रास्ट्रक्चर और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, खासकर चीन से जुड़े कर्मचारियों की.
क्यों लिया ये फैसला
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, अलग सुरक्षा बल बनाने का फैसला दासू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर हुए आतंकी हमलों के बाद लिया गया है. बता दें, नवंबर 2021 और मार्च 2024 में हुए इन हमलों में कई चीनी और पाकिस्तानी इंजीनियरों की मौत हो गई थी, जिसके बाद दासू हाइड्रोपावर का फैसला किया गया, जिसे बनाने में करीब 6 अरब डॉलर की लागत लग रही है. इन घटनाओं के बाद चीन ने पाकिस्तान पर सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई थी और चेतावनी दी थी कि अगर चीनी नागरिक सुरक्षित नहीं रहे तो आर्थिक सहयोग और फंडिंग प्रभावित हो सकती है.
एक साल तक क्यों रुका काम?
रिपोर्ट में बताया गया है कि पहले पाकिस्तान सेना की विशेष सुरक्षा डिवीजनों को केवल CPEC परियोजनाओं की सुरक्षा दी गई थी, जबकि Wapda के कई प्रोजेक्ट्स इस दायरे में नहीं आते थे. दासू प्रोजेक्ट पर हमले के बाद चीन ने एक साल से ज्यादा समय तक काम रोक दिया था. हालांकि बाद में पाकिस्तान सरकार के हस्तक्षेप और मुआवजे के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया गया लेकिन इससे परियोजना की लागत काफी बढ़ गई.
किन-किन को मिलेगी सुरक्षा व्यवस्था
अब पाकिस्तान सरकार ने फैसला किया है कि CPEC जैसी सुरक्षा व्यवस्था उन सभी परियोजनाओं को दी जाएगी जहां चीनी नागरिक काम कर रहे हैं. इसके तहत सेना, स्थानीय पुलिस, रेंजर्स और फ्रंटियर कांस्टेबुलरी को भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया जाएगा. दरअसल, क्वेटा में हाल ही में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने सैनिकों को ले जा रही ट्रेन पर हमला किया था. इस घटना के दौरान संगठन ने विस्फोटकों से भरी कार ट्रेन से टकरा दी, जिसमें कई सैनिकों और उनके परिवारों की मौत हुई. इस हमले ने पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.


