पाकिस्तान की किरकिरी! ट्रंप ने सबके सामने उड़ा दिए शहबाज शरीफ के दावे, दुनिया के सामने खुल गई पोल

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को खुशी से ऐलान किया कि बड़ी अच्छी खबर है. ईरान और अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ लेबनान समेत सभी मोर्चों पर तुरंत युद्धविराम करने पर सहमत हो गए हैं. यह फैसला अभी इसी पल से लागू हो गया है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

अमेरिका ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान के साथ हुए सीजफायर समझौते में लेबनान शामिल नहीं है. यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब इजरायल लेबनान में लगातार हमले कर रहा है. खास बात यह है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मध्यस्थ की भूमिका में सीजफायर डील में लेबनान को भी शामिल बताने की घोषणा की थी, जिसे अब अमेरिका ने खारिज कर दिया है. इस विवाद ने अमेरिका-ईरान के बीच हुए नाजुक युद्धविराम को नई चुनौती दे दी है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही लेबनान पर जारी अभियानों को समझौते से बाहर रखने की बात कह चुके हैं.

अमेरिका का साफ इनकार

हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट पहुंचे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने लेबनान को सीजफायर में शामिल करने से इनकार कर दिया. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि कोई गलतफहमी हुई है. मुझे लगता है कि ईरानी यह मान रहे थे कि सीजफायर में लेबनान भी शामिल है. जबकि, ऐसा नहीं है.' उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका का मत है कि सीजफायर ईरान और अमेरिका के सहयोगियों पर फोकस होगा जिसमें इजरायल और अरब देश शामिल हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बुधवार को मीडिया से बातचीत में लेबनान को समझौते से बाहर रखने की पुष्टि की. ट्रंप ने कहा, 'उन्हें समझौते में शामिल नहीं किया गया है. इसे भी ध्यान रखा जाएगा. सब ठीक है.' जब उनसे लेबनान में इजरायल के हमलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'यह समझौते का हिस्सा है यह तो सभी जानते हैं. यह एक अलग झड़प है.'

पाक PM शरीफ की घोषणा और किरकिरी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को कहा था, 'मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है  कि ईरान और अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ, लेबनान और अन्य सभी जगहों पर तुरंत युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं. यह फैसला अभी इसी वक्त से प्रभावी है. उन्होंने आगे कहा था, मैं इस समझदारी भरे फैसले का गर्मजोशी से स्वागत करता हूं और दोनों देशों के लीडरशिप के प्रति आभार जताता हूं. 

मैं उनके प्रतिनिधिमंडलों को शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद आमंत्रित करता हूं, ताकि सभी विवादों को सुलझाने के लिए एक निर्णायक समझौते पर आगे बातचीत की जा सके. शरीफ ने लिखा था, दोनों पक्षों ने समझदारी और सूझबूझ का परिचय दिया है और शांति और स्थिरता के मकसद को आगे बढ़ाने में जुड़े रहे हैं. हम दिल से उम्मीद करते हैं कि इस्लामाबाद वार्ता' स्थायी शांति हासिल करने में सफल होगी और आने वाले दिनों में और भी अच्छी खबरें साझा कर सकेंगे.

इजरायल का सख्त रुख

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर हमले रोकने के अमेरिकी फैसले का समर्थन किया है, लेकिन साफ कहा कि दो सप्ताह का यह युद्धविराम लेबनान में इजरायल के सैन्य अभियानों पर लागू नहीं होगा. सीजफायर घोषणा के कुछ घंटों बाद ही इजरायल ने लेबनान में हमले कर दिए थे. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इन हमलों में कम से कम 89 लोग मारे गए और 700 से अधिक घायल हुए. इजरायल ने कहा कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम समझौता लेबनान में तेहरान के समर्थन वाले उग्रवादी समूह हिज्बुल्लाह के साथ उसकी लड़ाई पर लागू नहीं होता.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज हुआ बंद

लेबनान में इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने बुधवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है. अमेरिका ने इसे तुरंत खोलने की मांग की है. इस कदम से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हुए नाजुक युद्धविराम समझौते के बरकरार रहने पर सवाल उठने लगे हैं.

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