तनाव के बीच राहत की खबर: होर्मुज जलडमरूमध्य से दो और भारतीय तेल टैंकर सुरक्षित गुजरे, नेवी हाई अलर्ट पर

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच राहत की अच्छी खबर. पेट्रोलियम से लदे दो और भारतीय व्यापारी जहाज होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर चुके हैं और जल्द ही भारत पहुंचने वाले हैं.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

मिडिल ईस्ट के बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर मंडराते खतरे के बावजूद भारत को एक बड़ी सुखद सूचना मिली है. पेट्रोलियम उत्पादों से लदे दो और व्यापारी जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पार कर रहे हैं और जल्द ही देश पहुंचने वाले हैं.ऐसे समय में जब ईरान से जुड़े युद्ध के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, यह घटनाक्रम भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी खुशखबरी साबित हो रहा है.

भारतीय नौसेना की सतर्कता

इन जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना पूरी तरह सतर्क है. फारस की खाड़ी और आसपास के इलाकों में युद्धपोत तैनात किए गए हैं, जो जरूरत पड़ने पर इन जहाजों को सुरक्षा और सहायता देने के लिए तैयार हैं. हालात को देखते हुए नौसेना लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके.

आने वाले दिनों में और जहाजों की उम्मीद

बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी जहाज इसी रास्ते से भारत की ओर बढ़ सकते हैं. इसका मतलब है कि तमाम भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत अपनी जरूरी ऊर्जा सप्लाई लाइनों को चालू रखने में सफल हो रहा है. इससे देश में ईंधन संकट की आशंकाओं को भी कुछ हद तक कम किया जा सकता है.

बंदरगाह मंत्रालय का आश्वासन

खबरों के मुताबिक, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों या नाविकों से जुड़ी किसी भी तरह की अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि फारस की खाड़ी में इस समय भारतीय झंडे वाले करीब 20 जहाज संचालन कर रहे हैं, जिनमें लगभग 540 भारतीय सवार हैं, और सभी सुरक्षित हैं.

शिपिंग महानिदेशालय का 24x7 कम्युनिकेशन सेंटर 

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि शिपिंग महानिदेशालय का 24x7 कम्युनिकेशन सेंटर लगातार सक्रिय है. पिछले 24 घंटों में सेंटर को 98 कॉल और 335 ईमेल प्राप्त हुए, जिनका तुरंत जवाब दिया गया. यह इस बात का संकेत है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हैं.

विदेश मंत्रालय की नजर और अंतरराष्ट्रीय संपर्क

वहीं, विदेश मंत्रालय ने भी साफ किया है कि भारत पश्चिम एशिया में हालात पर करीब से नजर बनाए हुए है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संपर्क में है ताकि इस अहम समुद्री मार्ग पर सुरक्षित और बेरोकटोक आवाजाही सुनिश्चित की जा सके. विदेश सचिव ने यह भी जानकारी दी कि हाल ही में चार भारतीय जहाज, जो एलपीजी लेकर आ रहे थे, सफलतापूर्वक इस स्ट्रेट को पार कर चुके हैं. यह घटनाक्रम इस बात को दर्शाता है कि चुनौतियों के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सक्रिय रणनीति पर काम कर रहा है.

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