'मुझसे कुछ भी पूछ सकते हो...', ट्रंप ने पत्रकारों के सामने कही अजीब बात
फ्लोरिडा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डोनाल्ड ट्रंप का एक मजाकिया बयान वायरल हो गया, जिस पर हंसी गूंजी. साथ ही उन्होंने खुद को “शांतिदूत” बताते हुए कई पुराने संघर्ष खत्म कराने का दावा भी किया.

ईरान से जुड़े तनाव के बीच एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप सुर्खियों में आ गए हैं. इस बार वजह कोई बड़ा राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि उनका एक बयान है, जिसने लोगों को चौंकाने के साथ-साथ हंसी भी दिला दी. फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने ऐसा मजाकिया अंदाज अपनाया कि पूरा माहौल हल्का हो गया, लेकिन आलोचकों ने इसे गंभीरता से लिया है.
दरअसल, फ्लोरिडा में आयोजित फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव प्रायोरिटी समिट के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से सवाल पूछने के लिए कहा. इसी दौरान उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि वे ऐसे नेता नहीं हैं जो सवालों से बचते हैं. उन्होंने आगे कहा कि पत्रकार उनसे किसी भी विषय पर सवाल कर सकते हैं, आप सेक्स के बारे में भी मेरे से बात कर सकते हैं. ट्रंप का यह बयान सुनते ही वहां मौजूद पत्रकारों के बीच हंसी छूट गई और माहौल हल्का हो गया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
🚨🇺🇸 Trump: "I don't ask for screening of the questions. You can ask me anything you want.
You can talk sex. You can do whatever the hell you want.
I'm here for you."
The man is unfiltered in the most literal sense😂pic.twitter.com/qkCs2qDNDf https://t.co/sWQeZkvyQ9— Mario Nawfal (@MarioNawfal) March 27, 2026
खुद को बताया ‘शांतिदूत’
इसी कार्यक्रम में ट्रंप ने अपनी छवि को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि इतिहास उन्हें एक “महान शांतिदूत” के रूप में याद रखे. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कई लंबे समय से चल रहे संघर्षों को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई है. ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने कुल आठ बड़े संघर्षों को सुलझाने में मदद की है. उनके अनुसार, इनमें कुछ युद्ध दशकों से चल रहे थे- कुछ 30 साल से ज्यादा समय से जारी थे. उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकी है.
अपनी विरासत पर क्या बोले ट्रंप?
जब उनसे उनकी विरासत के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने कहा कि भले ही यह बात खुद के मुंह से कहना अजीब लगे, लेकिन उनका मानना है कि उन्होंने दुनिया में शांति लाने की दिशा में काम किया है. उन्होंने यह भी दोहराया कि उनका लक्ष्य हमेशा संघर्ष कम करना और लोगों की जान बचाना रहा है. उनके अनुसार, अगर उन्हें एक शांतिदूत के रूप में याद किया जाता है, तो वही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी.


