होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की तैयारी में ईरान, विरोधी देशों के जहाजों पर बढ़ सकती है सख्ती

ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर नया टोल और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की तैयारी में है, जिससे विरोधी देशों के जहाजों पर सख्ती बढ़ सकती है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक नया समुद्री प्रबंधन सिस्टम लागू कर सकता है. इस नई व्यवस्था के तहत अंतरराष्ट्रीय जहाजों से शुल्क या टोल वसूला जाएगा. तेहरान का कहना है कि हालिया संघर्षों और सुरक्षा अभियानों में हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए यह कदम जरूरी है. ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी के मुताबिक, सरकार समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए एक विशेष ट्रैफिक मैनेजमेंट मॉडल तैयार कर रही है, जिसमें जहाजों के लिए तय समुद्री मार्ग बनाए जाएंगे और सुरक्षा व निगरानी जैसी सेवाओं के बदले भुगतान लिया जाएगा.

ईरान ने क्या कहा? 

ईरान ने साफ किया है कि इस सुविधा का लाभ केवल उन्हीं देशों और व्यापारिक जहाजों को मिलेगा, जो उसके साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाएंगे. इससे यह संकेत भी मिल रहे हैं कि तेहरान अपने विरोधी देशों के जहाजों पर अतिरिक्त प्रतिबंध या कड़े नियम लागू कर सकता है. ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि दुश्मन देशों के सैन्य उपकरणों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी. वहीं संसद के डिप्टी स्पीकर अली निकजाद ने कहा कि प्रस्तावित कानून राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और पड़ोसी देशों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है.

इससे पहले इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट का नया समुद्री नक्शा जारी किया था. इस नक्शे में जहाजों के लिए ऐसा सुरक्षित रास्ता दिखाया गया है, जो ईरान के समुद्री तट के अधिक करीब माना जा रहा है. दूसरी ओर अमेरिका ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द शांति समझौता नहीं हुआ, तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

ईरानी सांसद अलीरेजा अब्बासी ने क्या कहा? 

ईरानी सांसद अलीरेजा अब्बासी ने बताया कि संसद एक ऐसे कानून पर काम कर रही है, जिसके तहत उन जहाजों की आवाजाही सीमित की जा सकती है जो ईरान विरोधी देशों के लिए सैन्य सामग्री लेकर जा रहे हों. ऐसे जहाजों पर अतिरिक्त शुल्क और सख्त नियम भी लागू किए जा सकते हैं. संसद अध्यक्ष मोहम्मद बधेर गलिबाफ का कहना है कि दुनिया तेजी से नई वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है और ईरान उसी के अनुरूप अपनी रणनीति तय कर रहा है.

इस बीच रूस ने भी होर्मुज संकट पर चीन के रुख का समर्थन किया है. रूसी राजनयिक मिखाइल उल्यानोव ने कहा कि स्थायी युद्धविराम ही इस तनाव का समाधान हो सकता है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भी अमेरिका और ईरान के बीच संवाद और शांतिपूर्ण समझौते की वकालत की है. वहीं बहरीन और अमेरिका संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं, जिसमें ईरान से होर्मुज स्ट्रेट में हमले और बारूदी सुरंगें बिछाने जैसी गतिविधियों को रोकने की मांग की जाएगी.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो