होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ा बयान, 'ईरान ने भारतीय जहाजों से टोल लेने से किया इनकार'

ईरान ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले भारतीय जहाजों से कोई टोल नहीं लिया गया और भविष्य में भी भारत को पूरा सहयोग मिलेगा. साथ ही भारत ने भी ऐसी किसी टोल वसूली की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि उसकी ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित बनी हुई है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले भारतीय जहाजों से किसी भी तरह का टोल वसूला नहीं गया है और भविष्य में भी भारत को पूरा सहयोग दिया जाएगा. भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने कहा कि यह बात भारत सरकार से भी आसानी से सत्यापित की जा सकती है कि अब तक किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया गया है. 

ईरान और भारत के बीच संबंध पहले से अधिक मजबूत

उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा संवेदनशील हालात में ईरान और भारत के बीच संबंध पहले से अधिक मजबूत हैं और दोनों देशों के हित एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. फतहली ने यह भी आश्वासन दिया कि ईरान भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और होर्मुज स्ट्रेट से उनके सुरक्षित आवागमन में हर संभव सहायता करेगा. उनके अनुसार, ईरानी प्रशासन लगातार भारत सरकार के संपर्क में है और यह सुनिश्चित करना चाहता है कि भारतीय जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से बिना किसी बाधा के गुजर सकें. उन्होंने यह भी बताया कि ईरान के विदेश मंत्री ने भारत को अपने पांच सबसे भरोसेमंद मित्र देशों में शामिल किया है.

दूसरी ओर, भारत सरकार ने भी उन रिपोर्ट्स को खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि भारतीय जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए ईरान को कोई टोल दिया गया है. हाल ही में तनाव बढ़ने के बाद जब होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री आवाजाही प्रभावित हुई थी, उस दौरान भारत के नौ एलपीजी जहाज सुरक्षित रूप से इस क्षेत्र से बाहर निकाले गए थे. वर्तमान में लगभग 15 भारतीय ध्वज वाले जहाज फारस की खाड़ी में मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

होर्मुज स्ट्रेट भारत के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, क्योंकि देश के कुल कच्चे तेल और एलपीजी आयात का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर आता है. ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का तनाव भारत की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों पर सीधा असर डाल सकता है. फतहली ने भारत सरकार और भारतीय नागरिकों का आभार भी व्यक्त किया और कहा कि संकट के समय भारत ने एक भरोसेमंद साझेदार की भूमिका निभाई है.

होर्मुज की स्थिति पर फतहली ने क्या कहा? 

होर्मुज की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए फतहली ने कहा कि यह जलमार्ग ईरान के अधिकार क्षेत्र में आता है. उनका दावा था कि युद्ध से पहले यहां सामान्य आवाजाही थी, लेकिन हालिया हमलों के बाद परिस्थितियां बदल गई हैं. उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर आरोप लगाते हुए कहा कि संघर्ष के दौरान नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान कूटनीति को महत्व देता है, लेकिन पिछले अनुभवों के कारण वह अमेरिका पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर सकता. हालांकि यदि अमेरिका अपनी “गैरकानूनी मांगों” से पीछे हटे, तो बातचीत की संभावना बनी रह सकती है.

इसी बीच अमेरिका की ओर से भी बयान सामने आया है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज में नाकेबंदी की बात कही है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि इस दौरान ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी और कुछ गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी, हालांकि अन्य देशों के जहाजों की सामान्य आवाजाही पर सीधा प्रतिबंध नहीं होगा.

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