ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्री प्रस्ताव को ठुकराया, 45 दिनों के युद्धविराम पर आया बड़ा जवाब

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण सभी देशों को तनाव से गुजरना पड़ रहा है. ऐसे में अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्री प्रस्ताव दिया था, जिसपर ईरान का जवाब आ गया है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच युद्धविराम की कोशिशे तेज हो गई है. अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्री प्रस्ताव दिया था, जिसमें युद्ध समाप्त करने की शर्तें शामिल थी. अब ईरान ने इस प्रस्ताव पर अपना जवाब दे दिया है. साथ ही 45 दिनों के अस्थायी युद्धविराम की भी बात चल रही है. मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देश दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं. 

इन देशों ने रविवार देर रात एक मसौदा प्रस्ताव भेजा, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और 45 दिनों के युद्धविराम की अपील की गई है. इस अवधि को स्थायी शांति की बातचीत के लिए पर्याप्त समय माना जा रहा है.

ईरान ने 15 सूत्री प्रस्ताव को बताया अत्यधिक मांग वाला

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका का 15 सूत्री प्रस्ताव बहुत ज्यादा मांग वाला है. ईरान ने अपनी अलग शर्तों का सेट तैयार कर लिया है और उसे औपचारिक रूप दे दिया है. ईरानी पक्ष का कहना है कि बातचीत धमकियों के साथ नहीं हो सकती. 

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए ओमान के साथ एक प्रोटोकॉल बनाने पर जोर दिया है. साथ ही ईरान ने आशंका जताई कि इस्फहान में पायलट बचाव अभियान यूरेनियम जब्त करने का छलावा हो सकता है. ईरान का मानना है कि युद्धविराम से विरोधी पक्ष को फिर से संगठित होने का मौका मिल सकता है.

ट्रंप ने दी मंगलवार तक की समय सीमा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए कहा है कि अगर मंगलवार तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया तो परिणाम बहुत बुरा होगा. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर सख्त भाषा में चेतावनी दी कि ईरान के बिजली संयंत्र और पुलों पर हमले हो सकते हैं.

ट्रंप लगातार संकेत दे रहे हैं कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन दोनों तरफ से हमले जारी है. ईरान ने साफ किया कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लेगा.

स्थिति पर सभी की नजर

वर्तमान में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत नहीं हो रही है. मध्यस्थ देश उम्मीद कर रहे हैं कि 45 दिनों का समय स्थायी युद्धविराम की दिशा में मदद करेगा, लेकिन ईरान ने कहा है कि धमकियों के बीच कोई समझौता संभव नहीं है.

पूरी दुनिया इस तनाव पर नजर रखे हुए है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल परिवहन का महत्वपूर्ण रास्ता है. अगर यह बंद रहा तो वैश्विक तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है.

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