ईरान का पलटवार तेज, पर्शियन गल्फ में अमेरिकी तेल टैंकर पर मिसाइल हमला, समुद्र में आग

ईरान और अमेरिका के बीच समुद्र में टकराव और बढ़ गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने पर्शियन गल्फ में एक अमेरिकी तेल टैंकर पर मिसाइल हमला किया।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

पर्शियन गल्फ के पानी में अचानक तनाव बढ़ गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने एक अमेरिकी तेल टैंकर को निशाना बनाया है। ईरानी एजेंसी मेहर की रिपोर्ट में कहा गया कि जहाज पर मिसाइल से हमला किया गया। यह हमला पर्शियन गल्फ के उत्तरी हिस्से में हुआ। हमले के बाद जहाज में आग लगने की बात कही जा रही है। हालांकि अभी तक अमेरिका की तरफ से आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन इस खबर ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है।

क्या डूबे युद्धपोत का बदला 

यह हमला अचानक नहीं हुआ। इसके पीछे एक दिन पहले की बड़ी घटना जुड़ी है। हिंद महासागर में अमेरिका की पनडुब्बी ने ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस डेना को टॉरपीडो से डुबो दिया था। यह हमला श्रीलंका के पास हुआ था। उस समय जहाज भारत के विशाखापत्तनम में हुए नौसैनिक अभ्यास से लौट रहा था। इस हमले में करीब 87 लोगों की मौत हुई। कई नाविक अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इसी घटना के बाद ईरान ने बदला लेने की चेतावनी दी थी।

क्या ईरान ने पहले ही दी थी चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा था कि यह हमला समुद्र में किया गया अत्याचार है। उनका कहना था कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय पानी में हमला किया। उन्होंने कहा कि यह घटना ईरान से दो हजार मील दूर हुई। उनके मुताबिक जहाज भारत की नौसेना का मेहमान था। जहाज पर करीब 130 नाविक मौजूद थे। ईरान ने कहा था कि अमेरिका को इस कदम का पछतावा होगा। अब माना जा रहा है कि टैंकर पर हमला उसी चेतावनी का हिस्सा हो सकता है।

क्या पर्शियन गल्फ में आग फैल रही

ईरान का दावा है कि जिस अमेरिकी जहाज को निशाना बनाया गया वह अब जल रहा है। ईरानी गार्ड्स का कहना है कि मिसाइल सीधे जहाज पर लगी। इसके बाद जहाज में आग भड़क उठी। हालांकि इस हमले की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। लेकिन अगर यह खबर सही साबित होती है तो यह बहुत बड़ी घटना मानी जाएगी। क्योंकि पर्शियन गल्फ दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री इलाकों में से एक है। यहां हर हलचल का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।

क्या होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण

ईरान ने एक और बड़ा दावा किया है। ईरानी गार्ड्स ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उनका पूरा नियंत्रण है। यह वही रास्ता है जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस गुजरता है। ईरान ने कहा कि यह रास्ता सिर्फ चीन और रूस के जहाजों के लिए खुला रहेगा। अमेरिका, इजराइल और उनके सहयोगियों के जहाजों को यहां से गुजरने नहीं दिया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो वैश्विक तेल व्यापार पर असर पड़ सकता है।

क्या अमेरिका और ईरान आमने

अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान सीधे टकराव की ओर बढ़ रहे हैं। एक तरफ अमेरिकी हमले में ईरानी युद्धपोत डूबा। दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिकी टैंकर पर हमला करने का दावा किया। दोनों घटनाएं समुद्र में हुई हैं। इससे साफ है कि यह संघर्ष अब जमीन से आगे बढ़कर समुद्र तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इसका असर तेजी से महसूस किया जा रहा है।

क्या दुनिया के लिए बढ़ा नया खतरा

यह पूरा घटनाक्रम दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है। पर्शियन गल्फ और हिंद महासागर दोनों ही रणनीतिक इलाके हैं। यहां से दुनिया का बड़ा तेल व्यापार गुजरता है। अगर यहां संघर्ष बढ़ता है तो असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। फिलहाल कई देश हालात पर नजर रखे हुए हैं। आने वाले दिनों में यह टकराव किस दिशा में जाएगा यह कहना मुश्किल है। लेकिन इतना तय है कि समुद्र में तनाव खतरनाक मोड़ ले चुका है।

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