तेल के बाद अब बैंकों की बारी! ईरानी सेना ने अमेरिका और इजरायल के बैंकों पर निशाना बनाने की दी धमकी

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरानी सेना ने एक बयान जारी किया है. उन्होंने अमेरिका और इजरायल से जुड़े आर्थिक केंद्रों और बैंकों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: ईरान की सेना ने हाल ही में एक बड़ा बयान जारी किया है. सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका और इजरायल से जुड़े आर्थिक केंद्रों और बैंकों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है. यह धमकी तब आई जब तेहरान में एक ईरानी बैंक पर हमला हुआ.

बैंक पर हमले के बाद बदला की धमकी

खातम अल-अनबिया मुख्यालय ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने एक ईरानी बैंक को निशाना बनाया. इस हमले में कुछ कर्मचारी मारे गए. सेना के प्रवक्ता ने बयान में कहा, "दुश्मन ने हमें अमेरिका और जायोनी शासन से जुड़े आर्थिक केंद्रों और बैंकों पर हमला करने की पूरी छूट दे दी है." उन्होंने क्षेत्र के लोगों को चेतावनी दी कि वे इन बैंकों से कम से कम 1 किलोमीटर दूर रहें.

क्षेत्रीय वित्तीय केंद्रों में बढ़ी चिंता

यह धमकी पश्चिम एशिया के बड़े वित्तीय शहरों के लिए खतरे की घंटी है. खासकर दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) में कई अंतरराष्ट्रीय बैंक हैं. सऊदी अरब और बहरीन जैसे देश भी प्रभावित हो सकते हैं. इन जगहों पर अमेरिका और इजरायल से जुड़े कई आर्थिक संस्थान काम करते हैं.

ईरान के बढ़ते हमले 

ईरान ने फारस की खाड़ी में अपना सैन्य अभियान तेज कर दिया है. हाल में ईरानी ड्रोन ने दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास हमला किया, जिसमें कुछ लोग घायल हुए. उड़ानें जारी रही, लेकिन खतरा बढ़ गया. इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले हुए. एक कंटेनर जहाज पर मिसाइल गिरने से आग लग गई और चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा.

ईरान ने खाड़ी देशों के तेल ढांचे को भी निशाना बनाया. कुवैत ने 8 ईरानी ड्रोन गिराए, जबकि सऊदी अरब ने अपने तेल क्षेत्र और अमेरिकी-सऊदी एयर बेस की ओर आने वाले ड्रोन और मिसाइलों को रोका. 

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का करीब एक-पांचवां तेल गुजरता है. ईरान के इन कदमों से माल परिवहन ठप हो गया है. विश्लेषकों का मानना है कि ईरान वैश्विक आर्थिक दबाव बनाकर अमेरिका और इजरायल पर हमले रोकने की कोशिश कर रहा है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो