जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने स्नैप चुनाव में दर्ज की ऐतिहासिक जीत, पीएम मोदी ने दी बधाई

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने स्नैप चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की. एलडीपी ने 271 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया, गठबंधन के साथ दो-तिहाई सुपरमेजॉरिटी बनी. युवाओं में 'सनामेनिया' लहर चली. पीएम मोदी ने बधाई दी, भारत-जापान संबंध मजबूत होंगे.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने रविवार को हुए स्नैप चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल की. उनके सत्तारूढ़ गठबंधन ने निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में भारी बहुमत प्राप्त किया. जापानी पब्लिक ब्रॉडकास्टर एनएचके के अनुसार, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) ने अकेले 271 सीटें जीतकर 465 सदस्यीय सदन में पूर्ण बहुमत (233 सीटें) का आंकड़ा पार कर लिया. गठबंधन सहयोगी जापान इनोवेशन पार्टी (इशिन) के साथ मिलकर उनकी ताकत और बढ़ गई है, जिससे दो-तिहाई बहुमत (सुपरमेजॉरिटी) का लक्ष्य भी हासिल हो गया. यह जापान में पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी चुनावी सफलता है.

ऐतिहासिक जीत 

ताकाइची ने अक्टूबर 2025 में एलडीपी की अध्यक्षता संभाली और जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं. सिर्फ तीन-चार महीने बाद उन्होंने स्नैप चुनाव का दांव खेला, जिसमें अगर बहुमत नहीं मिलता तो इस्तीफा देना पड़ता. लेकिन मतदाताओं ने उनकी आक्रामक नीतियों आर्थिक सुधार, सख्त इमिग्रेशन नियम, चीन के खिलाफ मजबूत रुख और रक्षा क्षमता बढ़ाने को भारी समर्थन दिया. एग्जिट पोल और शुरुआती नतीजों से साफ है कि युवा मतदाताओं में 'सनामेनिया' जैसी लहर चली, जिसने एलडीपी को 198 से बढ़ाकर 271+ सीटें दिलाईं. यह 2017 के बाद एलडीपी की सबसे बड़ी जीत है.

मोदी की बधाई

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर ताकाइची को बधाई दी. उन्होंने लिखा, “संसद चुनावों में आपकी ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई! हमारी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. मुझे विश्वास है कि आपके सक्षम नेतृत्व में हम भारत-जापान की दोस्ती को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे.” दोनों देशों के बीच क्वाड, इंडो-पैसिफिक सहयोग और आर्थिक साझेदारी मजबूत हो रही है. ताकाइची की जीत से इन संबंधों को और बल मिलेगा.

दो-तिहाई बहुमत से मजबूत सरकार

एलडीपी और इशिन के गठबंधन को अब 366 सीटों तक का अनुमान है, जो ऊपरी सदन (जहां उनका नियंत्रण नहीं) को दरकिनार कर कानून पास करने की शक्ति देता है. ताकाइची की सरकार अब रक्षा बजट बढ़ाने, इमिग्रेशन सख्त करने और आर्थिक सुधारों को तेजी से लागू कर सकती है. यह जीत उनके व्यक्तित्व और 'जापान फर्स्ट' नीति की जीत है. विपक्षी पार्टियां कमजोर पड़ी हैं.

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