आतंकवाद से कोई समझौता नहीं...मलेशिया में पीएम मोदी ने आतंक के खिलाफ लड़ाई लड़ने का किया आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7-8 फरवरी 2026 को मलेशिया की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा की, जो 2026 की उनकी पहली विदेश यात्रा थी. कुआलालंपुर में मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का संदेश देते हुए खुफिया साझेदारी और समुद्री सुरक्षा मजबूत करने पर सहमति बनी.

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुआलालंपुर में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की. यह 2026 की उनकी पहली विदेश यात्रा थी, जो दोनों देशों के बीच गहरे रिश्तों को और मजबूत करने का मौका बनी. पीएम मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए भारत और मलेशिया के बीच सदियों पुराने समुद्री व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर दिया. दोनों देशों के लोग एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा और परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं. यह रिश्ता सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि भावनात्मक स्तर पर भी मजबूत है.
आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख
बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने वैश्विक सुरक्षा पर अपना स्पष्ट और दृढ़ संदेश दिया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर कोई दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा. दोनों नेताओं ने आतंकवाद विरोधी सहयोग को बढ़ाने, खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत करने पर पूरी सहमति जताई. यह कदम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए बेहद अहम है.
नया वाणिज्य दूतावास
पीएम मोदी ने मलेशिया में भारत के एक नए वाणिज्य दूतावास के उद्घाटन की घोषणा की, जो व्यापार और निवेश को और आसान बनाएगा. इसके अलावा, यूपीआई (UPI) को मलेशिया में लागू करने की दिशा में प्रगति हुई. डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में एक नया ऑडियो-विजुअल समझौता भी हुआ, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा. फिल्में, संगीत और मीडिया के जरिए दोनों देशों के लोग और करीब आएंगे.
हिंद-प्रशांत में नई साझेदारी का रोडमैप
बैठक में सेमीकंडक्टर, फिनटेक और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग का रोडमैप तैयार किया गया. दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जो आर्थिक विकास और तकनीकी प्रगति को नई गति देंगे.
यह यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और इंडो-पैसिफिक विजन को मजबूत करने वाली साबित हुई. पीएम मोदी की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम मिला है. मलेशिया के लोगों की गर्मजोशी और आतिथ्य ने इस यात्रा को यादगार बना दिया.


