लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने कनाडा में फिर की गोलीबारी, लगाए दुर्व्यवहार और वसूली के आरोप
Surrey crime news: कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने कनाडा के सरे में रेस्टोरेंट मालिक और प्रतिद्वंद्वी नवी तासी से जुड़े ठिकानों पर गोलीबारी की. गिरोह ने दुर्व्यवहार और वसूली के आरोप लगाए. पुलिस जांच और सुरक्षा बढ़ाई गई है, जबकि स्थानीय व्यवसायी भयभीत हैं और समुदाय में शांति बनाए रखने की अपील की गई है.

Surrey crime news: कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने कनाडा के सरे (Surrey) शहर में एक बार फिर गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया है. इस हमले में एक ही रेस्टोरेंट मालिक के कई प्रतिष्ठान निशाने पर रहे. स्थानीय सूत्रों और गिरोह के स्वयं के सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, गिरोह के एक सदस्य गोल्डी ढिल्लन ने इस कार्रवाई की जिम्मेदारी ली है और घटना से जुड़ी अपने आरोपों को सार्वजनिक किया है.
लगाए ये आरोप
गैंग ने रेस्टोरेंट मालिक पर यह आरोप लगाया है कि उसने अपने कर्मचारियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया और वेतन नहीं दिए. गिरोह ने यह दावा भी किया कि ऐसे व्यवसायी अगर अपने कर्मियों का शोषण करते हैं तो उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. गिरोह की चेतावनी में कहा गया है कि जो लोग ऐसे काम करेंगे, उन्हें इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. यह संदेश दर्जनों व्यापारियों और स्थानीय समुदाय में भय का माहौल पैदा कर रहा है.
नवी तासी के ठिकानों पर हाल की हमले
यह हमला अकेला मामला नहीं है. दो दिन पहले ही लॉरेंस गिरोह ने अपने प्रतिद्वंद्वी नवी तासी से जुड़े तीन स्थानों आवास, कार्यालय और अन्य परिसरों पर गोलीबारी करने का आरोप लगाया गया था. उन घटनाओं के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित हुईं, जिनमें तोड़फोड़ और गोलीबारी के निशान दिखे. गैंग ने यह भी आरोप लगाया कि नवी तासी ने लॉरेंस के नाम का दुरुपयोग कर, गायकों और अन्य लोगों से जबरन वसूली की; जिसकी रकम लगभग 50 लाख रुपये (लगभग कैनेडियन $80,000) बताई जा रही है. इस प्रकार के आरोपों ने दोनों गिरोहों के बीच तनाव और बदले की भावनाओं को तेज कर दिया है.
गिरोह के संदेश
गैंग के पोस्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि उनका निशाना मेहनती लोग नहीं हैं और वे केवल उन व्यापारियों या व्यक्तियों को लक्षित कर रहे हैं जिन्हें वे शोषणकर्ता मानते हैं. पोस्ट में यह संदेश भी था कि यदि कोई झूठी खबर फैलाता है तो उसके दुष्परिणाम की जिम्मेदारी फैलाने वाले पर होगी, न कि गिरोह पर. इस तरह के कथन स्थानीय समुदाय में अनिश्चितता और खौफ बढ़ा रहे है. कई व्यवसायी अब सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं.
कानून प्रवर्तन
इन घटनाओं से संबंधित अब तक कई प्रश्न बने हुए हैं. अपराधियों की पहचान, गोलीबारी के पीछे वास्तविक कारण और कनाडाई-भारतीय समुदाय पर पड़ने वाले प्रभाव. स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसी घटनाओं को रोकने और समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित निगरानी और जांच तेज करने की आवश्यकता को बार-बार रेखांकित किया है. समुदाय के नेताओं ने भी शांति और कानून का पालन करने की अपील की है.


