'डील करो वरना तबाही...', ट्रंप की ईरान को खुली धमकी, बोले-अगला हमला पहले से 10 गुना भयानक होगा

अब यह साफ दिख रहा है कि ईरान में शुरू हुए जोरदार विरोध प्रदर्शनों का तूफान अब परमाणु हथियारों के मुद्दे पर आ टकराया है. ट्रंप की कड़ी धमकियों और अमेरिकी बेड़े की मौजूदगी के बावजूद ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षा छोड़ने को तैयार नहीं नजर आ रहा बल्कि वह और मजबूती से डटा हुआ है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है. बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुले शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान परमाणु हथियारों को लेकर कोई समझौता नहीं करता है, तो उस पर एक और हमला किया जाएगा. यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान पहले ही अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार कर चुका है.

ट्रंप के इस आक्रामक रुख ने पश्चिम एशिया में हालात को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है. सोशल मीडिया के जरिए दिए गए अपने संदेश में अमेरिकी राष्ट्रपति ने न केवल हमले की धमकी दी, बल्कि यह भी संकेत दिया कि अमेरिका की सैन्य तैयारियां तेज हो चुकी हैं.

ट्रंप की खुली चेतावनी, नौसैनिक बेड़े का जिक्र

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उम्मीद है कि ईरान जल्द ही बातचीत के लिए तैयार होगा और एक निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौता करेगा, परमाणु हथियारों के बिना. उन्होंने आगे दावा किया कि अमेरिका का एक विशाल नौसैनिक बेड़ा ईरान की दिशा में बढ़ रहा है, जिससे क्षेत्र में सैन्य दबाव और बढ़ गया है.

‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का हवाला

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में पहले हुए हमले का भी जिक्र किया. ट्रम्प ने कहा कि जैसा कि मैंने ईरान से पहले भी कहा था, समझौता करो. उन्होंने समझौता नहीं किया, और 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' हुआ, जिससे ईरान का भारी विनाश हुआ. अगला हमला इससे कहीं ज्यादा भयानक होगा. इस बयान से साफ है कि ट्रम्प इस बार परमाणु हथियारों के मुद्दे पर किसी भी तरह की नरमी के मूड में नहीं हैं.

क्या ईरान ट्रम्प की शर्तें मानेगा?

ईरान में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों से उपजा यह संकट अब सीधे परमाणु हथियारों के मसले तक पहुंच गया है. फिलहाल ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने के लिए तैयार नजर नहीं आ रहा है. ऐसे में यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस तनाव को कम कर पाएंगे या हालात युद्ध की ओर बढ़ेंगे.

ईरान का कूटनीतिक संदेश

मंगलवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि तेहरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहते हुए युद्ध को रोकने वाले किसी भी प्रयास का हमेशा स्वागत करता है. अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या ईरान ट्रम्प की मांगों पर विचार करेगा या दोनों देशों के बीच टकराव और गहराएगा.

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