इजरायल का बड़ा ऐलान, नेतन्याहू ने कहा- हिजबुल्लाह पर जारी रहेंगे हमले

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने का ऐलान किया. इसे देश की सुरक्षा से जोड़ा गया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका देश हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान को जारी रखेगा. लेबनान के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में हुए भीषण हमलों के बाद यह बयान सामने आया है. इन हमलों में हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम के भतीजे और एक करीबी सहयोगी की मौत की भी खबर है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

नेतन्याहू ने क्या कहा?  

नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सेना पूरी ताकत, सटीकता और दृढ़ता के साथ हिजबुल्लाह को निशाना बना रही है. उन्होंने दोहराया कि जो भी इजरायली नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करेगा, उसे इसका जवाब मिलेगा. उनके अनुसार यह सैन्य अभियान सीधे तौर पर देश की जनता की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है. इजरायल का कहना है कि वह हिजबुल्लाह की क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से अपने हमलों को और तेज कर रहा है.

प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि इस अभियान की कोई भौगोलिक सीमा तय नहीं है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर कहीं भी कार्रवाई की जा सकती है. इस अभियान का मुख्य लक्ष्य उत्तरी इजरायल में सुरक्षा बहाल करना और वहां से विस्थापित लोगों को सुरक्षित उनके घरों में लौटाना है. नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि जब तक यह उद्देश्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी.

दूसरी ओर, लेबनान में जारी इन हमलों से युद्धविराम की स्थिति कमजोर होती दिख रही है. ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. ईरान की ओर से कहा गया है कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो वह इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता से पीछे हट सकता है.

मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ का आरोप

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने आरोप लगाया कि इजरायल ने युद्धविराम से जुड़े कई अहम प्रावधानों का उल्लंघन किया है. इनमें लेबनान में हमले जारी रखना, ईरानी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अधिकारों को नकारना शामिल है. उन्होंने अमेरिका पर भी बार-बार अपने वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया.

हालांकि, नेतन्याहू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि लेबनान को युद्धविराम समझौते का हिस्सा ही नहीं बनाया गया था. उन्होंने दावा किया कि हालिया अभियानों में इजरायल ने हिजबुल्लाह को बड़ा नुकसान पहुंचाया है और कम समय में कई ठिकानों को निशाना बनाकर उसकी क्षमताओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो