असम, केरल और पुडुचेरी में वोटिंग समाप्त, देखें मतदान प्रतिशत

असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए, जहां मतदाताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और कई प्रमुख नेताओं ने भी मतदान किया. अब 4 मई को होने वाली मतगणना से तय होगा कि इन राज्यों में किस दल या गठबंधन की सरकार बनेगी.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए गुरुवार, 9 अप्रैल को शांतिपूर्ण माहौल में मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई. सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और चुनाव आयोग की निगरानी में संपन्न कराया गया, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित हो सकें. तीनों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

कई नेताओं ने किया मतदान

इस दौरान कई प्रमुख नेताओं ने भी मतदान किया. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगस्वामी शुरुआती मतदाताओं में शामिल रहे. खास बात यह रही कि एन रंगस्वामी ने अपनी पुरानी परंपरा को निभाते हुए मोटरसाइकिल से मतदान केंद्र पहुंचकर वोट डाला.

तीनों क्षेत्रों में कुल 296 सीटों के लिए मतदान हुआ, जिसमें असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटें शामिल हैं. इन चुनावों में विभिन्न राजनीतिक दलों और गठबंधनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली. अब सभी की नजर 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी है, जो इन राज्यों की राजनीतिक दिशा तय करेगी.

असम में कितना मतदान?

असम में मतदान प्रतिशत काफी प्रभावशाली रहा. राज्य के सभी 126 विधानसभा क्षेत्रों में शाम 5 बजे तक करीब 84.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनाव की तुलना में अधिक है. दलगांव क्षेत्र में सबसे अधिक 94.57 प्रतिशत वोटिंग हुई, जबकि अमरी में सबसे कम 70.40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. इस चुनाव में 722 उम्मीदवार मैदान में हैं और मुख्य मुकाबला भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच माना जा रहा है. भाजपा गठबंधन लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है, जबकि कांग्रेस करीब दस साल बाद वापसी के प्रयास में है.

केरल में कितना मतदान? 

केरल में भी मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. यहां 140 सीटों के लिए मतदान शाम 6 बजे तक चला और करीब 75 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनाव से थोड़ा ज्यादा है. यहां मुकाबला मुख्य रूप से सत्तारूढ़ एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के बीच है, जबकि भाजपा भी अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश में है.

पुडुचेरी में कितना मतदान?

पुडुचेरी में भी मतदान को लेकर अच्छा उत्साह देखने को मिला।. यहां 30 सीटों के लिए हुए चुनाव में शुरुआती आंकड़ों के अनुसार 86 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ. सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन अपनी सत्ता बरकरार रखने के प्रयास में है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन सरकार बदलने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है.

कुल मिलाकर, तीनों क्षेत्रों में शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण मतदान के बाद अब सभी को चुनाव परिणामों का इंतजार है, जो 4 मई को घोषित किए जाएंगे.

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