इजरायली पीएम नेतन्याहू का बड़ा ऐलान, 'होर्मुज स्ट्रेट बंद करवाने वाले को मार गिराया'

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान के नौसेना प्रमुख अलीरेजा तंगसिरी को हमले में मार गिराया गया, जो होर्मुज स्ट्रेट बंद करने में शामिल था. इस घटना के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है, जबकि मिसाइल और ड्रोन हमलों से इजरायल में कई लोग घायल हुए हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को एक बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि ईरान के उस वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को मार गिराया गया है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कराने की रणनीति में प्रमुख भूमिका निभा रहा था. नेतन्याहू के मुताबिक, इजरायली हमले में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के प्रमुख अलीरेजा तंगसिरी की मौत हो गई है.

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद हालात गंभीर 

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले महीने शुरू हुए संघर्ष के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है. ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की घोषणा ने हालात को और गंभीर बना दिया था. यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम हिस्सा है, जहां से करीब 20 प्रतिशत तेल का कारोबार होता है. कई दिनों तक इस रास्ते के बाधित रहने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल संकट गहराने की आशंका भी जताई जा रही है.

नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा कि इजरायल ईरानी ठिकानों पर लगातार और सख्त कार्रवाई कर रहा है. उन्होंने बताया कि हालिया ऑपरेशन में जिस कमांडर को निशाना बनाया गया, वह कई हमलों और रणनीतिक फैसलों में शामिल था. उनके अनुसार, यह कार्रवाई इजरायल और उसके सहयोगी अमेरिका के बीच तालमेल का उदाहरण है, जिसका उद्देश्य साझा सैन्य लक्ष्यों को हासिल करना है.

इजरायल काट्ज ने क्या कहा?

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने भी इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि यह एक सटीक और घातक हवाई हमला था. उनके मुताबिक, इस कार्रवाई में तंगसिरी के साथ नौसेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए. काट्ज ने आरोप लगाया कि यह अधिकारी होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाने और उसे अवरुद्ध करने की योजना में सीधे तौर पर शामिल था.

इस बीच, गुरुवार को इजरायल पर ईरान और लेबनान की ओर से मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन हमलों की कई घटनाएं सामने आईं. इन हमलों के चलते देश के कई हिस्सों में सायरन बजने लगे और लोगों को बार-बार सुरक्षित ठिकानों में शरण लेनी पड़ी. चिकित्सा और बचाव एजेंसियों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम दस लोग घायल हुए हैं.

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