किम जोंग उन की बेटी की एंट्री, क्या सेना को दिया गया है सीधा संदेश 

उत्तर कोरिया में किम जोंग उन की किशोर बेटी की बढ़ती मौजूदगी ने नया सवाल खड़ा किया है। क्या यह उत्तराधिकार की तैयारी है या सेना और पार्टी को सख्त संदेश देने की चाल?

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिख रही हैं। मिसाइल परीक्षण हो या सैन्य परेड, वह पिता के साथ नजर आती हैं। अब दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने संकेत दिया है कि उन्हें उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ उत्तराधिकार की कहानी है। या इसके पीछे कोई और वजह है। उत्तर कोरिया में हर तस्वीर संदेश होती है। हर मंच का मतलब होता है।  

क्या सेना को लाइन?

उत्तर कोरिया में असली ताकत सिर्फ परिवार के पास नहीं होती। सेना और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी मजबूत हैं। अगर 13 साल की लड़की को बड़े मंचों पर बैठाया जा रहा है तो यह सीधा संदेश है। जो भी सत्ता के बारे में सोच रहा है, वह समझ ले। अगला नाम तय है। यह कदम बाहर की दुनिया के लिए कम, अंदर के लिए ज्यादा है। सत्ता की लड़ाई शुरू होने से पहले उसे रोकने की कोशिश भी हो सकती है।

क्या स्वास्थ्य पर संकेत?

किम जोंग उन की उम्र अभी ज्यादा नहीं है। लेकिन तानाशाही व्यवस्था में भरोसा कम होता है। इतिहास बताता है कि कई नेता अचानक बीमार पड़े या गायब हुए। ऐसे में जल्दी उत्तराधिकारी तय करना सुरक्षा कवच भी हो सकता है। अगर कुछ भी हो जाए तो सत्ता परिवार में ही रहे। यह डर भी राजनीति का हिस्सा होता है। सवाल यही है कि क्या किम को किसी खतरे का अंदेशा है।

क्या चौथी पीढ़ी पक्की?

किम परिवार तीन पीढ़ियों से सत्ता में है। अब चौथी पीढ़ी की बात हो रही है। यह सिर्फ राजनीति नहीं, एक वंश की निरंतरता है। कुमसुसान पैलेस की यात्रा को भी इसी नजर से देखा जा रहा है। वहां पूर्व नेताओं के संरक्षित शव रखे हैं। उस जगह पर बेटी की मौजूदगी प्रतीकात्मक है। यह संदेश देता है कि इतिहास की लाइन आगे बढ़ रही है।

क्या सेना मानेगी?

उत्तर कोरिया पुरुष प्रधान देश है। सेना में बड़े पदों पर पुरुष ही हैं। अगर एक लड़की को भविष्य का नेता बनाया जाता है तो क्या सभी इसे सहज मानेंगे। अभी खुलकर विरोध दिखेगा नहीं। लेकिन अंदर क्या चल रहा है, यह कोई नहीं जानता। सत्ता के खेल में चुप्पी भी संकेत होती है। यही असली जोखिम है।

क्या सम्मेलन में ऐलान?

वर्कर्स पार्टी का बड़ा सम्मेलन आने वाला है। वहां अगर किम जू ऐ मंच पर दिखती हैं तो संकेत और साफ होगा। हजारों प्रतिनिधियों के सामने उपस्थिति औपचारिक स्वीकृति जैसी होगी। यह ऐलान भले शब्दों में न हो, तस्वीरों में हो जाएगा। उत्तर कोरिया में तस्वीरें ही नीति होती हैं।

क्या दुनिया को चेतावनी?

दुनिया इसे उत्तराधिकार मानेगी। लेकिन असली कहानी कंट्रोल की है। किम जोंग उन शायद यह दिखाना चाहते हैं कि सिस्टम मजबूत है। परिवार की पकड़ ढीली नहीं पड़ेगी। सेना और पार्टी दोनों को लाइन में रहना होगा। अगर यह रणनीति है तो बहुत सोची समझी है। आने वाले दिनों में तस्वीरें बताएंगी कि यह सिर्फ बेटी की मौजूदगी है या सत्ता की मुहर।

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