ऑस्कर विजेता फिल्म के को-डायरेक्टर पर इजरायली लोगों ने किया हमला, फिर हुई सैन्य गिरफ्तारी

ऑस्कर विजेता फिल्म 'नो अदर लैंड' के पेलिस्तीनी को-डायरेक्टर हमदान बल्लाल को इजराइली सेटलर्स ने पीटा और बाद में उन्हें सैन्य हिरासत में ले लिया. उनके फिल्म के सह-निर्देशक बेसल अदरा ने इस घटना की पुष्टि करते हुए इसे बदला और सजा जैसा बताया.

Simran Sachdeva

इजरायल के कब्जे वाले पश्चिमी तट से ऑस्कर विजेता फिल्म ‘नो अदर लैंड’ के फिलिस्तीनी को-डायरेक्टर हमदान बल्लाल को  गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तारी से पहले इजरायल के लोगों ने उनकी पिटाई की. इस बात की जानकारी उनके साथी युवाल अब्राहम ने एक पोस्ट के जरिए दी है.

इसे लेकर, वकील ली त्सेमेल ने बताया कि सूसिया गांव में तीन पेलिस्तीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें फिल्म निर्माता हमदान बलाल भी शामिल थे. उन्होंने दावा किया कि वो पुलिस से संपर्क नहीं कर पाई हैं, जिन्होंने उन्हें बताया कि उन्हें चिकित्सा उपचार के लिए एक सैन्य सुविधा में हिरासत में रखा गया है. 

'सजा जैसा महसूस हो रहा है'- फिल्म के सह-निर्देशक 

फिल्म के सह-निर्देशक बेसल अदरा ने बताया कि उन्होंने इस घटना को अपनी आंखों से देखा. उन्होंने कहा कि दो दर्जन से ज्यादा बस्तीवासी समुदाय में घुसे थे, कुछ इजरायली यूनिफार्म पहने हुए थे, कुछ के पास राइफलें थी और कुछ ने नकाब पहने थे. इस दौरान बस्तीवासी पत्थर फेंक रहे थे, जबकि सैनिक पेलिस्तीनी नागरिकों पर अपने हथियार तान रहे थे. आगे कहा कि हम ऑस्कर से वापस लौटे और तब से हर दिन हम पर एक नया हमला हो रहा है. ये शायद हमारे फिल्म बनाने का उनका बदला हो सकता है. ये हमें एक सजा जैसा महसूस हो रहा है.

इजरायली सेना का बयान

इजरायली सेना ने इस मामले में दावा किया कि एक इजरायली नागरिक को 'हिंसक टकराव' के बाद गिरफ्तार किया गया, जिसमें इजरायली और पेलिस्तीनी नागरिक शामिल थे. इसके साथ ही 3 पेलिस्तीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके खिलाफ ये आरोप था कि उन्होंने सैन्य कर्मियों पर पत्थर फेंके. हालांकि, गवाहों के मुताबिक ये बयान पूरी तरह से सही नहीं था.

स्थानीय समुदाय में तनाव

बेसल अदरा ने बताया कि घटना के बाद, रमजान के महीने के दौरान स्थानीय लोग रोज़ा खोलने के बाद अपने घरों में थे, तभी बस्ती में कुछ इजरायली नागरिक आ पहुंचे. सैनिकों ने हवा में गोलियां चलाई, जब एक बस्तीवासी बलाल के घर के पास पहुंचा. बलाल की पत्नी ने जोर से चिल्लाया- मैं मर रही हूं!" जब उसने अपने पति को बाहर पीटता हुआ देखा.

बेसल अदरा ने ये भी बताया कि बलाल को हाथों में हथकड़ी और आंखों में पट्टी बांधकर सैन्य ट्रक में ले जाया गया और उनके घर के बाहर खून के धब्बे देखे गए. एक अन्य गवाह ने भी इस घटनाक्रम की पुष्टि की, जो अपनी पहचान बताने से डरते हुए गवाही दी.

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