कश्मीर पर बदला अमेरिकी रुख! आधिकारिक नक्शे में PoK भारत में शामिल, शहबाज की उड़ी नींद

अमेरिका ने साझा किए गए आधिकारिक नक्शे में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भारत का हिस्सा दर्शाया है. इस घटनाक्रम को पाकिस्तान के लिए एक बड़े कूटनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

अमेरिका से आई एक ताजा खबर ने पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ा दी है. भारत और अमेरिका ने हाल ही में अपने द्विपक्षीय व्यापार समझौते का एक अंतरिम फ्रेमवर्क जारी किया है, लेकिन इस पहलू ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं कि इसके साथ साझा किए गए आधिकारिक नक्शे में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भारत का हिस्सा दर्शाया गया है. इस घटनाक्रम को पाकिस्तान के लिए एक बड़े कूटनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है.

भारत का रुख अडिग  

भारत लंबे समय से यह स्पष्ट करता आया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग है. भारत का यह रुख हमेशा से अडिग रहा है कि इन क्षेत्रों पर पाकिस्तान का कब्जा अवैध है. अब अमेरिका की ओर से जारी नक्शे में पूरे कश्मीर क्षेत्र को भारत का हिस्सा दिखाया जाना इसी भारतीय दावे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देता नजर आ रहा है.

दरअसल, यह नक्शा अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) द्वारा भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट से जुड़ी जानकारी साझा करते समय इस्तेमाल किया गया. इस पोस्ट में अमेरिका ने बताया कि नए व्यापार ढांचे के तहत भारतीय बाजारों में अमेरिकी उत्पादों जैसे ट्री नट्स, सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन, लाल ज्वार, ताजे और प्रोसेस्ड फल को बेहतर पहुंच मिलेगी. हालांकि, व्यापार से जुड़ी इस जानकारी से ज्यादा चर्चा उस नक्शे की हुई, जिसमें न तो लाइन ऑफ कंट्रोल दिखाई गई और न ही किसी प्रकार का विवादित क्षेत्र. पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा दर्शाया गया.

कूटनीतिक विशेषज्ञों का क्या मानना है? 

कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक ग्राफिक चूक नहीं, बल्कि अमेरिका के बदलते नजरिए का संकेत हो सकता है. आमतौर पर अमेरिका कश्मीर मुद्दे पर संतुलित या तटस्थ रुख दिखाता रहा है, लेकिन आधिकारिक प्लेटफॉर्म से जारी इस नक्शे ने यह संदेश दिया है कि वाशिंगटन अब भारत के दृष्टिकोण को अधिक गंभीरता से ले रहा है. खासकर ऐसे समय में, जब भारत और अमेरिका व्यापारिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं.

पाकिस्तान के लिए यह घटनाक्रम चिंता बढ़ाने वाला है. दशकों से PoK को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करता रहा है. अब अमेरिका जैसे प्रभावशाली देश की ओर से ऐसा संकेत मिलना इस्लामाबाद के लिए असहज स्थिति पैदा करता है. यह साफ है कि भारत-अमेरिका के बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों का असर क्षेत्रीय राजनीति पर भी दिखने लगा है.

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