खौफ के साए में पाकिस्तान!, अब्दाली के बाद अब फतह मिसाइल का किया परीक्षण

पाकिस्तान ने 120 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण किया, जिसका उद्देश्य सैनिकों की परिचालन तत्परता और मिसाइल की तकनीकी क्षमता को मान्य करना था. यह पाकिस्तान का दूसरा प्रमुख परीक्षण था, जिसमें पहले 450 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली अब्दाली मिसाइल का परीक्षण किया गया था. भारत ने प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन चिंता जताई. ईरान और रूस ने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

पाकिस्तान ने सोमवार को एक और मिसाइल परीक्षण किया, जिसमें 120 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण किया गया. पाकिस्तान सेना ने एक बयान में कहा कि इस प्रक्षेपण का उद्देश्य सैनिकों की परिचालन तत्परता को सुनिश्चित करना था. इसके साथ ही, इस मिसाइल की उन्नत नेविगेशन प्रणाली और सटीकता जैसे तकनीकी मापदंडों को भी मान्य किया गया. मिसाइल का परीक्षण इस बात को सुनिश्चित करता है कि पाकिस्तान की सैन्य ताकत को और अधिक सशक्त किया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की आक्रमण की स्थिति में उसका जवाब देने की क्षमता बनी रहती है.

मिसाइल परीक्षण का उद्देश्य और सेना की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान की सेना के बयान के मुताबिक, इस परीक्षण से यह साबित होता है कि पाकिस्तान की सेना ने अपनी परिचालन तैयारियों को मजबूत किया है. ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष और सेना प्रमुख ने परीक्षण में शामिल सैनिकों, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी और पाकिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किसी भी आक्रमण को विफल करने के लिए सेना की पूरी तत्परता को स्वीकार किया. इस परीक्षण से यह भी स्पष्ट हुआ कि पाकिस्तान ने अपनी सैन्य ताकत को और अधिक सटीक और प्रभावशाली बनाने के लिए नई तकनीकों को अपना लिया है.

दूसरा मिसाइल परीक्षण और भारत की प्रतिक्रिया

यह मिसाइल परीक्षण पाकिस्तान की ओर से पिछले शनिवार के बाद दूसरा प्रमुख परीक्षण था. इससे पहले, पाकिस्तान ने 450 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली अब्दाली बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था. भारत ने पाकिस्तान के इस मिसाइल परीक्षण पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन अधिकारियों ने इस पर अपनी चिंता जताई थी और इसे लापरवाह उकसावे की कार्रवाई के रूप में देखा था. पाकिस्तान की ओर से किए गए इन परीक्षणों से भारत में सैन्य प्रतिक्रिया की संभावना बनी हुई थी, खासकर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सेना को जवाबी कार्रवाई की पूर्ण स्वतंत्रता दिए जाने के बाद.

पाकिस्तान का सैन्य तैयारियां 

पाकिस्तान की सेना ने अपने सशस्त्र बलों को तैयार करने के लिए अरब सागर में गहन अभ्यास और लाइव फायरिंग करना शुरू कर दिया है. इस बीच, भारतीय नौसेना भी पश्चिमी तट पर अपने नौसैनिक अभ्यासों में व्यस्त है. पाकिस्तान और भारत के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच, कुछ अंतर्राष्ट्रीय शक्तियां जैसे ईरान और रूस, दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के प्रयासों में जुटी हुई हैं.

ईरान और रूस का मध्यस्थता प्रयास

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में पाकिस्तान का दौरा किया और भारत के साथ तनाव को कम करने के उद्देश्य से द्विपक्षीय वार्ता की. अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से भी मुलाकात की. ईरान का यह कदम इस बात को दर्शाता है कि कुछ देश दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में सक्रिय रूप से मदद करना चाहते हैं. इसी बीच, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी पाकिस्तान से बातचीत की और कहा कि रूस, पाकिस्तान और भारत के बीच बढ़ते तनाव के समाधान के लिए सक्रिय रूप से काम करने को तैयार है.

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