लगातार 7 विस्फोटों से बलूचिस्तान सहमा, पाकिस्तान में हाई अलर्ट

पाकिस्तान के अशांत माने जाने वाले बलूचिस्तान प्रांत में बीते 24 घंटों के भीतर हुए सात धमाकों ने पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पाकिस्तान के अशांत माने जाने वाले बलूचिस्तान प्रांत में बीते 24 घंटों के भीतर हुए सात धमाकों ने पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया. रविवार को स्थानीय प्रशासन ने बताया कि इन विस्फोटों में किसी की जान नहीं गई, लेकिन एक निर्माण कंपनी में काम करने वाले दो सुरक्षा कर्मी ज़रूर घायल हुए हैं. 

क्वेटा और डेरा मुराद जमाली के इलाकों में हुए धमाके

अधिकारियों के मुताबिक, ये धमाके मुख्यतः क्वेटा और डेरा मुराद जमाली के इलाकों में दर्ज किए गए. जानकारी के अनुसार, पहला धमाका क्वेटा में उस समय हुआ जब कुछ अज्ञात हमलावरों ने एक पुलिस चौकी को निशाना बनाते हुए उस पर ग्रेनेड फेंके. इसके कुछ समय बाद शहर में ही दूसरा विस्फोट हुआ, जो एक आईईडी के ज़रिये किया गया था. यह विस्फोट आतंकवाद-रोधी विभाग के एक वाहन के निकट हुआ, लेकिन सौभाग्य से इसमें कोई हताहत नहीं हुआ.

शाम ढलते-ढलते बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में तीन और धमाकों की आवाज़ें सुनीं गईं, जिससे शहर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आसिफ खान ने बताया कि इनमें से एक धमाका लोहर करेज़ इलाके के पास हुआ, जिसकी वजह से क्वेटा को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रेल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई. इस हमले के चलते रेलवे सेवा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा.

उधर, क्वेटा स्टेशन से सटे रेल ट्रैक को भी उग्रवादियों ने निशाना बनाया. इस कारण रेल यातायात बाधित रहा और सुरक्षा एजेंसियों को क्षेत्र में लंबी तलाशी अभियान चलाना पड़ा. डेरा मुराद जमाली में भी हमलावरों ने ग्रेनेड फेंककर एक पुलिस वाहन पर हमला किया, हालांकि पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए.

पुलिस चौकी को ग्रेनेड से बनाया गया निशाना

उग्रवादियों की गतिविधियां यहीं नहीं रुकीं. क्वेटा के सारियाब रोड पर एक निर्माण कंपनी की साइट पर हथगोले फेंके गए, जिसमें दो सुरक्षा गार्ड घायल हो गए. इसके अलावा मंज़ूर शहीद पुलिस स्टेशन और केच बेग इलाके की एक पुलिस चौकी को भी ग्रेनेड से निशाना बनाया गया. लगातार हो रहे इन हमलों से सुरक्षा बलों की चिंताएं बढ़ गई हैं.

अब तक किसी भी संगठन ने इन धमाकों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववाद और विद्रोही गतिविधियों का केंद्र रहा है, जहां सुरक्षा बलों पर हमले आम बात माने जाते हैं. हाल में बढ़ती अशांति को देखते हुए इस महीने की शुरुआत में सरकार ने क्वेटा को छोड़कर पूरे प्रांत में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रोक दी थीं और एन-70 राजमार्ग के लोरलाई हिस्से को भी बंद कर दिया था. बाद में परिस्थितियों में सुधार के बाद इन प्रतिबंधों को हटाया गया.

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