मिडिल ईस्ट जंग की आग पाकिस्तान तक पहुंची, अमेरिका ने कराची-लाहौर दूतावास खाली कराया, कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध का असर अब पाकिस्तान में भी दिखने लगा है। सुरक्षा खतरे के कारण अमेरिका ने अपने कर्मचारियों को पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दिया।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका ने अपने नागरिकों और कर्मचारियों को लेकर अहम फैसला लिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कराची और लाहौर में मौजूद अपने कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। यह आदेश गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों के लिए है। उनके परिवार के लोगों को भी पाकिस्तान छोड़ने को कहा गया है। सुरक्षा हालात को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस फैसले से पाकिस्तान के हालात को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है।

कराची और लाहौर दूतावास क्यों खाली?

अमेरिका ने खास तौर पर कराची और लाहौर स्थित अपने वाणिज्य दूतावासों को लेकर यह कदम उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात में सुरक्षा खतरा बढ़ गया है। इसलिए एहतियात के तौर पर कर्मचारियों को बाहर निकाला जा रहा है। वीजा से जुड़ी सभी नियुक्तियां पहले ही रद्द कर दी गई थीं। 6 मार्च तक वीजा इंटरव्यू भी बंद कर दिए गए हैं। दूतावास ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यह कदम हालात की गंभीरता को दिखाता है।

आखिर पाकिस्तान में क्यों बढ़ा तनाव?

इस तनाव की जड़ मिडिल ईस्ट का युद्ध है। अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। मिसाइल और ड्रोन हमलों से पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। इसका असर पाकिस्तान तक पहुंच गया है। वहां विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

क्या दूतावासों के बाहर हुए प्रदर्शन?

कराची और लाहौर में बड़े प्रदर्शन हुए हैं। सैकड़ों लोग अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के बाहर जमा हो गए। कराची में कुछ प्रदर्शनकारी दूतावास के अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। हालात बिगड़ने पर सुरक्षा बलों को कार्रवाई करनी पड़ी। इस दौरान कई लोगों की मौत की खबर भी सामने आई। इसके बाद हालात और संवेदनशील हो गए। इसी वजह से अमेरिका ने अपने कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया।

क्या आतंकवादी हमले का भी खतरा?

अमेरिका ने चेतावनी भी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों का खतरा बना हुआ है। आतंकवादी बिना चेतावनी के हमला कर सकते हैं। भीड़ वाले इलाकों को निशाना बनाया जा सकता है। बाजार, होटल और एयरपोर्ट भी खतरे में हो सकते हैं। स्कूल, अस्पताल और सरकारी इमारतें भी निशाने पर हो सकती हैं। इसलिए नागरिकों को सतर्क रहने को कहा गया है।

क्या इस्लामाबाद दूतावास पर असर नहीं?

दिलचस्प बात यह है कि इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास की स्थिति अभी नहीं बदली है। वहां से कर्मचारियों को हटाने का आदेश नहीं दिया गया है। हालांकि वहां भी वीजा सेवाएं फिलहाल रोक दी गई हैं। 6 मार्च तक सभी वीजा अपॉइंटमेंट रद्द कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर आगे और कदम उठाए जा सकते हैं।

क्या पूरे क्षेत्र में बढ़ रहा संकट?

मिडिल ईस्ट में शुरू हुआ युद्ध अब कई देशों को प्रभावित कर रहा है। ईरान के जवाबी हमलों ने खाड़ी देशों को भी सतर्क कर दिया है। अमेरिका ने सऊदी अरब, ओमान और साइप्रस से भी अपने कर्मचारियों को निकालने की अनुमति दी है। इससे साफ है कि हालात गंभीर बने हुए हैं। दुनिया की नजर अब इस संकट पर टिकी है। आने वाले दिनों में स्थिति और बदल सकती है।

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