पन्नू हत्या साजिश: आरोपी निखिल गुप्ता ने US कोर्ट में कबूल किया अपना अपराध
निखिल गुप्ता ने अमेरिकी कोर्ट में खालिस्तानी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने का आरोप कबूल किया है. गुप्ता पर भारत सरकार के आदेश पर पन्नू की हत्या की साजिश रचने का आरोप था. उसने जून 2024 में फेडरल कोर्ट में अपना गुनाह कबूल किया था. गुप्ता को अधिकतम 40 साल की जेल हो सकती है.

नई दिल्ली : अमेरिका के मैनहट्टन में पन्नू हत्याकांड की साजिश को लेकर एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है. भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अब आधिकारिक तौर पर अमेरिकी फेडरल कोर्ट के सामने गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम कोशिश में अपनी प्रत्यक्ष संलिप्तता की बात पूरी तरह स्वीकार कर ली है. इस हाई-प्रोफाइल मामले ने न केवल कानूनी जटिलताओं को बढ़ा दिया है, बल्कि भारत, अमेरिका और कनाडा के बीच के अत्यंत नाजुक कूटनीतिक संबंधों को भी दोबारा सुर्खियों में ला दिया है.
अदालत में कबूला अपना गुनाह
मैनहट्टन के यूएस अटॉर्नी ऑफिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 54 वर्षीय निखिल गुप्ता ने शुक्रवार को अदालत में उपस्थित होकर भाड़े पर हत्या करने और उसकी विस्तृत साजिश रचने के साथ-साथ मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों को स्वीकार किया. यह पहली बार नहीं है जब उसने अपना दोष माना हो, इससे पहले जून 2024 में भी उसने फेडरल कोर्ट में इसी तरह की बात स्वीकार की थी. अब उसने आधिकारिक तौर पर पन्नू को खत्म करने की योजना पर अपनी मुहर लगा दी है.
अंतरराष्ट्रीय विवाद की जड़ें जून 2023 में छिपी हैं
इस पूरे अंतरराष्ट्रीय विवाद की जड़ें जून 2023 में छिपी हैं, जब पन्नू की हत्या की साजिश का अचानक भंडाफोड़ हुआ और निखिल गुप्ता को चेक रिपब्लिक में धर दबोचा गया. अमेरिकी खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के साथ आपसी सहयोग के बाद उसे वहां से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया ताकि निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ सके. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गुप्ता पर संगीन आरोप था कि वह विदेश में बैठकर अमेरिकी धरती पर एक नागरिक की हत्या की योजना बना रहा था.
भारत सरकार का आधिकारिक रुख
अमेरिकी अभियोजकों ने अपनी आधिकारिक चार्जशीट में दावा किया था कि निखिल गुप्ता भारत सरकार के एक बहुत ही वरिष्ठ खुफिया अधिकारी के सीधे संपर्क में था और उसी के गुप्त निर्देश पर काम कर रहा रहा था. हालांकि, नई दिल्ली ने इन सभी गंभीर आरोपों को शुरू से ही सिरे से खारिज कर दिया है. भारत सरकार का स्पष्ट कहना है कि इस तरह की किसी भी साजिश में उनकी कोई भूमिका नहीं है क्योंकि यह देश की संप्रभुता और आधिकारिक नीति के बिल्कुल विपरीत है.
पन्नू और निज्जर का गहरा कनेक्शन
सरकारी वकीलों ने अपनी दलीलों में यह भी आरोप लगाया था कि निखिल गुप्ता केवल पन्नू ही नहीं, बल्कि अन्य सिख अलगाववादी नेताओं को भी विदेशों में निशाना बनाने की फिराक में था. इसमें जून 2023 में पश्चिम कनाडा के एक मंदिर के बाहर हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी संदर्भ दिया गया है. पन्नू, जिसे भारत ने एक आतंकवादी घोषित कर रखा है, के पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है. इस साजिश ने पश्चिमी देशों के साथ भारत के रिश्ते बिगाड़े.
लंबी जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है
निखिल गुप्ता वर्तमान में अमेरिका में बिना किसी जमानत के कड़ी जेल हिरासत में है. उसका गुनाह कबूल करना इस बात का प्रबल संकेत है कि उसे अब भविष्य में बहुत लंबी जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है. यूएस का दावा है कि उसने भारतीय खुफिया एजेंसी के पूर्व अधिकारी विकास यादव के कथित आदेश पर ही एक हत्यारे को हायर किया था. अब इस मामले की अगली सुनवाई और अंतिम सजा के एलान पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि इसका गहरा कूटनीतिक प्रभाव होगा.


