फैंस पर टूटा दुखों का पहाड़...रामायण के निर्माता रामानंद सागर के बेटे आनंद का 84 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

टीवी के पॉपलर धार्मिक शो रामायण को बनाने वाले डायरेक्टर रामानंद सागर के बेटे आनंद सागर चोपड़ा का आज निधन हो गया है. इस दुखद खबर को उनके परिवार के द्वारा इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से फैंस संग शेयर किया गया.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : भारतीय टेलीविजन की दुनिया में एक युग का अंत हो गया है. 'रामायण' जैसे ऐतिहासिक धार्मिक धारावाहिक के महान निर्देशक रामानंद सागर के बड़े बेटे आनंद रामानंद सागर चोपड़ा का आज सुबह निधन हो गया. सागर परिवार ने इंस्टाग्राम पर इस दुखद खबर की पुष्टि की. आनंद ने पिता की विरासत को संभाला और पौराणिक कथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनका अंतिम संस्कार मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में शाम को हुआ.

परिवार का शोक संदेश

आपको बता दें कि सागर परिवार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि आनंद जी का शांतिपूर्ण निधन हो गया है. उन्होंने उन्हें गर्मजोशी, गरिमा और मूल्यों से भरा इंसान बताया. परिवार ने लिखा कि उनकी दयालुता और कोमल स्वभाव ने बहुत से लोगों के दिल छुए. अंतिम संस्कार 13 फरवरी 2026 को शाम 4:30 बजे पवन हंस श्मशान भूमि में संपन्न हुआ. उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई.

पिता की विरासत संभाली

2005 में रामानंद सागर के जाने के बाद आनंद ने सागर आर्ट्स की जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने 'रामायण' समेत अन्य क्लासिक धारावाहिकों को नए रूप में पुनः प्रसारित करने का काम किया. आनंद क्रिएटिव देखरेख, प्रोडक्शन और मैनेजमेंट में सक्रिय रहे. उनका प्रयास था कि सागर ब्रांड हमेशा आस्था और भक्ति से जुड़ा रहे.

 

कोविड काल में नई लोकप्रियता

2020 के लॉकडाउन के दौरान जब दूरदर्शन पर 'रामायण' दोबारा दिखाई गई तो इसने पुराने और नए दर्शकों में जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की. आनंद ने इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई. लाखों लोगों ने घर बैठे महाकाव्य देखा और आनंद की मेहनत की सराहना की.

सोशल मीडिया पर वायरल विदाई

आनंद के अंतिम संस्कार का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. इसमें परिवार के सदस्य आंसुओं के साथ उन्हें अंतिम विदाई दे रहे हैं. फैंस और सहकर्मी शोक में डूबे हैं. कई लोगों ने उनकी सादगी और समर्पण को याद किया.

आस्था आधारित टीवी का प्रतीक

आनंद रामानंद सागर चोपड़ा ने पौराणिक कथाओं को टीवी पर जीवंत रखने का काम जारी रखा. उन्होंने नई पीढ़ी को रामायण और अन्य महाकाव्यों से जोड़ा. उनका योगदान भारतीय टेलीविजन इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा.

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