अमेरिकी राष्ट्रपति से शेयर किया गया खामेनेई को मारने का प्लान...US-ईरान टेंशन के बीच सामने आई हैरान करने वाली रिपोर्ट

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पेंटागन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने एक प्लान पेश किया है जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई और उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को निशाना बनाया गया है. यह योजना कुछ समय पहले ट्रंप को सौंपी गई थी, जिसमें खामेनेई और उनके बेटे को सत्ता से हटाने का प्रस्ताव शामिल है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : मध्य पूर्व में जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच चुका है. हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने वैश्विक राजनीति में हड़कंप मचा दिया है, जिसमें दावा किया गया है कि पेंटागन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई और उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को सत्ता से हटाने की एक विस्तृत योजना पेश की है. व्हाइट हाउस की चुप्पी और ट्रंप के आक्रामक रुख ने तेहरान में शासन परिवर्तन की अटकलों को हवा दे दी है.

नेतृत्व को निशाना बनाने की गुप्त योजना

आपको बता दें कि अमेरिकी समाचार आउटलेट एक्सियोस ने वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि पेंटागन ने कुछ सप्ताह पहले ही ट्रंप को यह योजना सौंपी थी. इस सैन्य प्रस्ताव में खामेनेई, उनके बेटे और अन्य प्रमुख धार्मिक नेताओं को सत्ता से बेदखल करने के कड़े विकल्प शामिल हैं. राष्ट्रपति के सलाहकारों के अनुसार, पेंटागन ने हर संभावित स्थिति के लिए रणनीतिक ब्लूप्रिंट तैयार रखा है. हालांकि, व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय केवल राष्ट्रपति ट्रंप ही लेंगे कि उन्हें क्या कदम उठाना है.

परमाणु समझौते पर ट्रंप का अल्टीमेटम

ट्रंप ने तेहरान में शासन परिवर्तन को सबसे अच्छा विकल्प बताते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी जारी की है. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि परमाणु समझौते के लिए ईरान के पास अब केवल 10 से 15 दिनों का समय बचा है. अमेरिका की मांग है कि ईरान अपना यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करे, मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करे और क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को समर्थन देना छोड़ दे. हालांकि जेनेवा में ओमान की मध्यस्थता से बातचीत का दूसरा दौर पूरा हुआ है, लेकिन पूर्ण समझौते की उम्मीद बहुत कम है.

खाड़ी में सैन्य शक्ति का बड़ा प्रदर्शन

सैन्य मोर्चे पर अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाते हुए दो शक्तिशाली विमान वाहक समूहों को तैनात कर दिया है. इसके जवाब में ईरान ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य में लाइव-फायर नौसेना अभ्यास करके अपनी शक्ति दिखाई है. ईरान के आईआरजीसी कमांडर ने चेतावनी दी है कि वे दुनिया की तेल आपूर्ति के इस सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग को बंद कर सकते हैं. खामेनेई ने अमेरिकी युद्धपोतों को चुनौती देते हुए कहा है कि उनके पास उन्हें डुबोने के लिए बेहद खतरनाक और अचूक हथियार मौजूद हैं.

दोनों देशों के बीच बढ़ती युद्ध की आशंका 

ईरान में युद्ध की बढ़ती आहट को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय बेहद सतर्क हो गया है. पोलैंड और जर्मनी ने अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सख्त सलाह दी है. वहीं, ब्रिटेन ने अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ करने की अमेरिकी मांग को ठुकरा कर अपने कदम पीछे खींच लिए हैं. कूटनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी गर्म है कि ट्रंप प्रशासन शासन परिवर्तन के बाद निर्वासित ईरानी राजकुमार रेजा पहलवी को एक संक्रमणकालीन व्यवस्था के तहत बड़ी भूमिका सौंपने पर विचार कर रहा है.

 युद्ध किसी भी देश के हित में नहीं 

ईरान के राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि युद्ध किसी भी देश के हित में नहीं होगा और इससे केवल तबाही आएगी. हालांकि, तेहरान ने कुछ मार्गदर्शक सिद्धांतों पर सहमति जताई है, लेकिन अमेरिका की कड़ी शर्तों ने समझौते की राह को मुश्किल बना दिया है. यह समय न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया के लिए अत्यंत नाजुक है. आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि क्षेत्र में शांति बहाल होगी या दुनिया एक और भीषण और विनाशकारी युद्ध की गवाह बनेगी.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag