देश की गरिमा को...AI समिट में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर आया अखिलेश-मायावती समेत कई राजनीतिक दलों का रिएक्शन

दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इंडिया समिट 2026 के आयोजन के दौरान 5वें दिन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस प्रदर्शन किया था. अब, कई राजनीतिक दलों ने इस पर आपत्ति जताई है. सपा नेता अखिलेश यादव, बीआरएस , टीडीपी , बसपा प्रमुख मायावती समेत कई नेताओं ने इसे देश की अंतरराष्ट्रीय मंच पर इमेज को बिगाड़ने वाला बताया हैं. 

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : भारत मंडपम में 2026 का एआई इम्पैक्ट समिट एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच था, जहां देश-विदेश के विशेषज्ञ भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमता पर चर्चा कर रहे थे. लेकिन शुक्रवार को समिट के पांचवें दिन युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने अचानक शर्ट उतारकर विरोध जताया. यह कदम राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस छेड़ गया. कई नेताओं ने इसे अनुचित और देश की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला करार दिया, जबकि यह प्रदर्शन किसी व्यापार समझौते के खिलाफ था. शनिवार को भी इस मुद्दे पर बातें जारी रहीं, जिससे राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया.

मायावती ने की कड़ी निंदा

आपको बता दें कि बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने एक्स पर लिखा कि यह प्रदर्शन अति अशोभनीय और निंदनीय है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह आयोजन दुनिया भर के प्रमुख लोगों की मौजूदगी में हो रहा था. ऐसे में अर्धनग्न होकर रोष जताना देश की इमेज को खराब करता है. मायावती ने चिंता जताई कि अगर यह कोई स्थानीय कार्यक्रम होता तो बात अलग होती, लेकिन वैश्विक मंच पर ऐसा व्यवहार बिल्कुल गलत है.

दक्षिणी नेताओं ने भी जताई आपत्ति 

तेलुगु देशम पार्टी के नारा लोकेश ने इसे चौंकाने वाला और दुखद बताया. उन्होंने कहा कि एआई समिट भारत की तकनीकी प्रगति दिखाने का मौका था, लेकिन राजनीतिक नाटक ने इसे बाधित कर दिया. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने युवा कांग्रेस को शर्मसार करने वाला करार दिया. उन्होंने जोर दिया कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन दुनिया के सामने देश को एकजुट दिखाना जरूरी है. तेलंगाना के केटी राम राव ने भी प्रदर्शन को तुच्छ बताया और कहा कि वैश्विक मंच पर राजनीति नहीं करनी चाहिए.

अखिलेश यादव का अलग नजरिया

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को एआई की समझ नहीं है और चीन का नकली रोबोट लाना गलती थी. एक कार्टून का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मेक इन इंडिया को कमजोर दिखाया. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि हंगामे का समर्थन नहीं करते. उनका कहना था कि सरकार झूठ बोलती है, लेकिन विरोध आंतरिक रूप से किया जा सकता है. विदेशी मेहमानों के सामने देश का अपमान नहीं होना चाहिए.

जगह और तरीके का ध्यान रखना चाहिए 

यह घटना समिट के उद्देश्य को प्रभावित कर गई. कई लोगों ने माना कि लोकतंत्र में विरोध का हक है, लेकिन जगह और तरीके का ध्यान रखना चाहिए. पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और जांच शुरू की. राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप बढ़े. कुल मिलाकर यह मामला दिखाता है कि राष्ट्रीय हितों को राजनीतिक लाभ से ऊपर रखना कितना जरूरी है.

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