यूक्रेन में ड्रोन हमले के खतरे को देखते हुए पोलैंड ने बढ़ाया सुरक्षा घेरा, ल्यूबलिन एयरपोर्ट बंद

पोलैंड ने यूक्रेन सीमा के पास संभावित रूसी ड्रोन हमलों से बचाव के लिए अपने लड़ाकू विमान तैनात किए और ल्यूबलिन हवाई अड्डा बंद कर दिया. प्रधानमंत्री टस्क ने वायु रक्षा प्रणाली को भी उच्चतम सतर्कता पर रखने का आदेश दिया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पोलैंड ने अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं. प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने शनिवार को घोषणा की कि देश की वायु सेना ने विमान तैनात कर दिए हैं ताकि रूस की ओर से संभावित ड्रोन हमलों का सामना किया जा सके. यह कदम उस समय उठाया गया जब यूक्रेन की सीमा के पास गतिविधियां तेज़ हो गईं और पोलिश खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षा खतरे की चेतावनी दी.

ल्यूबलिन एयरपोर्ट बंद

सरकारी आदेश के बाद पोलिश अधिकारियों ने ल्यूबलिन हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया. यह क्षेत्र यूक्रेन सीमा से काफ़ी नज़दीक है और यहां से रूसी ड्रोन गतिविधियों पर नज़र रखना आसान होता है. अधिकारियों का मानना है कि एहतियात बरतना ही सही उपाय है ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

प्रधानमंत्री का संदेश

प्रधानमंत्री टस्क ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि यूक्रेन में रूसी ड्रोन अभियानों से पोलैंड की सीमा के नज़दीक गंभीर खतरा पैदा हुआ है. ऐसे में पोलैंड और उसके सहयोगी देशों की वायु सेनाओं ने निवारक मिशन शुरू कर दिए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि ज़मीनी वायु रक्षा प्रणालियों को भी उच्चतम सतर्कता पर रखा गया है.

रूस-यूक्रेन युद्ध का असर

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने पड़ोसी देशों के लिए भी खतरे बढ़ा दिए हैं. पोलैंड, नाटो का सदस्य है और लगातार यूक्रेन का समर्थन कर रहा है. इस वजह से वह अक्सर रूस की आलोचना का केंद्र बन जाता है. सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि रूस की ड्रोन गतिविधियां केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पड़ोसी देशों को भी अस्थिर करने की कोशिश का हिस्सा हो सकती हैं.

नाटो की भूमिका

पोलैंड ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अकेला नहीं है. नाटो के अन्य सदस्य देश भी इस खतरे पर नज़र बनाए हुए हैं. गठबंधन की सैन्य तैयारियों में पोलैंड की सक्रिय भूमिका दिखाई देती है. टस्क का बयान यह संदेश देता है कि रूस की किसी भी हरकत का सामूहिक जवाब दिया जाएगा.

नागरिकों में सतर्कता

ल्यूबलिन और आसपास के इलाकों में नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की गई है. सरकार का कहना है कि अभी घबराने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन एहतियातन सुरक्षा इंतज़ाम और सख़्त किए जा रहे हैं.

आगे की रणनीति

रक्षा मंत्रालय के अनुसार आने वाले दिनों में सीमा के पास निगरानी और कड़ी की जाएगी. पोलैंड का लक्ष्य है कि रूस के किसी भी हमले से पहले तैयारी पूरी हो और यूक्रेन को समर्थन भी जारी रखा जा सके.

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