ट्रंप के 'ईरान डील' प्लान पर गदगद हुए शहबाज शरीफ, क्रेडिट लेने की दौड़ में पाकिस्तान
तनाव के बीच वाशिंगटन और तेहरान के रिश्तों को लेकर एक ऐसी खबर सामने आ रही है जो आपको चौंका देगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि ईरान के साथ एक ऐतिहासिक समझौता लगभग अंतिम रूप ले चुका है.

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच वाशिंगटन और तेहरान के रिश्तों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि ईरान के साथ एक ऐतिहासिक समझौता लगभग अंतिम रूप ले चुका है.
चमकाने की होड़ में जुटे
कूटनीति के गलियारों में इस खबर के आते ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बिना वक्त गंवाए ट्रंप की तारीफों के पुल बांधने शुरू कर दिए हैं. ट्रंप के इस कदम को मास्टरस्ट्रोक बताते हुए शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर वाशिंगटन को 'मक्खन' लगाने और इस पूरी मध्यस्थता प्रक्रिया का हिस्सा बनकर खुद को चमकाने की होड़ में जुट गए हैं.
60 दिनों का युद्धविराम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, दोनों देशों के बीच शुरुआती तौर पर 60 दिनों के लिए सीजफायर लागू किया जा सकता है, जिसके तहत कई अहम रियायतें दी जाएंगी. इस प्रस्तावित समझौते के तहत रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही के लिए बिना किसी टोल या टैक्स के पूरी तरह खुला रखा जाएगा.
ईरान की सहमती
बदले में ईरान इस समुद्री मार्ग में बिछाई गई अपनी खतरनाक बारूदी सुरंगों को हटाने पर सहमत हो गया है. इसके तुरंत बाद अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की आर्थिक नाकेबंदी को खत्म कर देगा और तेहरान को वैश्विक बाजार में तेल की स्वतंत्र बिक्री करने की अनुमति देगा.
परमाणु कार्यक्रम पर रोक
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते के मसौदे में ईरान द्वारा कभी भी परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता, यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को निलंबित करने और उच्च संवर्धित यूरेनियम के भंडार को नष्ट करने जैसी बेहद सख्त शर्तें शामिल हैं. ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को इस संबंध में 'मौखिक आश्वासन' भी दे दिया है. इसके अलावा, इस समझौते में इजरायल और हिज्बुल्ला के बीच चल रहे सशस्त्र संघर्ष को पूरी तरह समाप्त करने का प्रावधान भी जोड़ा गया है.
पाकिस्तान से फोन पर चर्चा
इस महा-समझौते की जमीन तैयार करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर, तुर्किए, मिस्र, यूएई, जॉर्डन और पाकिस्तान के शासकों से फोन पर चर्चा की.
पाकिस्तान की तारीफ
ट्रंप से फोन पर हुई बातचीत के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके देश के सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इन 'अथक प्रयासों' की जमकर सराहना की है. शहबाज शरीफ ने जोर देकर कहा कि मध्य एशिया में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान अगले चरण की वार्ताओं में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा. हालांकि, जानकारों का मानना है कि कंगाल हो चुका पाकिस्तान इस वैश्विक डील में खुद को शामिल दिखाकर अमेरिका और खाड़ी देशों से आर्थिक और रणनीतिक लाभ उठाने की फिराक में है.


