व्हाइट हाउस डिनर में गोलीबारी का आरोपी कोर्ट में पेश, राष्ट्रपति की हत्या की साजिश का आरोप
वॉशिंगटन में हाई-प्रोफाइल डिनर के दौरान फायरिंग करने वाले आरोपी पर राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश का आरोप लगा है. उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं.

वॉशिंगटन: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में हुए एक हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी की घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर जैसे प्रतिष्ठित आयोजन में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. अब इस मामले में आरोपी को अदालत में पेश किया गया है और उस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
वॉशिंगटन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी करने के आरोपी कोल टोमस एलन को संघीय अदालत में पेश किया गया. उस पर अमेरिकी राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश करने और हथियारों से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में आरोप तय किए गए हैं. अगर अदालत में आरोप साबित हो जाते हैं, तो एलन को उम्रकैद की सजा हो सकती है. पेशी के दौरान उसने कोई दलील नहीं दी. उसके वकीलों ने कहा कि फिलहाल वह निर्दोष माना जाएगा, क्योंकि उसके खिलाफ अभी दोष साबित नहीं हुआ है.
कार्यक्रम के दौरान कैसे हुई घटना
यह घटना उस समय हुई जब डोनाल्ड ट्रंप, जेडी वेंस और कई वरिष्ठ अधिकारी व पत्रकार वॉशिंगटन के एक बड़े होटल में आयोजित डिनर में शामिल थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी सुरक्षा घेरा पार कर कार्यक्रम स्थल के पास पहुंच गया और उसने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. इससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया.
कौन है कोल टोमस एलन?
कोल टोमस एलन 31 वर्षीय युवक है, जो तकनीकी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है. वह एक मैकेनिकल इंजीनियर और कंप्यूटर साइंस का जानकार है. इसके अलावा वह गेम डेवलपमेंट में भी काम करता रहा है और आंशिक रूप से पढ़ाने का काम भी करता है. उसने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की और बाद में कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स किया. वह लॉस एंजिल्स इलाके में रहता था और सामान्य जीवन जी रहा था. उसके खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है.
हमले से पहले भेजा गया मैनिफेस्टो
घटना से कुछ समय पहले एलन ने अपने परिवार के कुछ लोगों को एक लंबा संदेश भेजा था, जिसे मैनिफेस्टो कहा जा रहा है. इस दस्तावेज में उसने अपने विचार, निशाने और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में अपनी सोच लिखी थी. इस मैनिफेस्टो में उसने खुद को एक खास नाम से संबोधित किया और अपने कदम को सही ठहराने की कोशिश की. उसने कुछ गंभीर आरोपों का जिक्र करते हुए अपने फैसले को जायज बताया. रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने लिखा कि वह अब ऐसी परिस्थितियों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है और इसी कारण उसने यह कदम उठाया.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. इतना बड़ा आयोजन, जिसमें देश के शीर्ष नेता मौजूद थे, वहां किसी का इस तरह पहुंच जाना चिंता का विषय माना जा रहा है. हालांकि, सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई की वजह से स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं हो पाई और आरोपी को तुरंत काबू में कर लिया गया.


