दीपू दास की हत्या मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, अब तक 21 लोग हिरासत में

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच पुलिस ने एक अहम कार्रवाई करते हुए कपड़ा कारखाने के मजदूर दीपू दास की निर्मम हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच पुलिस ने एक अहम कार्रवाई करते हुए कपड़ा कारखाने के मजदूर दीपू दास की निर्मम हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार, इस मामले में पूर्व शिक्षक यासीन अराफात की भूमिका बेहद अहम रही है. 

 18 दिसंबर की मयमनसिंह जिले की घटना

आरोप है कि उसी ने पूरी घटना की योजना बनाई और भीड़ को उकसाकर हत्या को अंजाम दिलवाया. इस घटना को लेकर न सिर्फ देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. यह दर्दनाक घटना 18 दिसंबर को मयमनसिंह जिले में हुई थी. 27 वर्षीय दीपू दास एक कपड़ा फैक्ट्री में मजदूर के तौर पर काम करता था. 

आरोप है कि फैक्ट्री के पर्यवेक्षकों ने उस पर ईशनिंदा का आरोप लगाते हुए पहले उससे जबरन इस्तीफा दिलवाया, फिर उसे कार्यस्थल से बाहर निकालकर कट्टरपंथियों की एक उग्र भीड़ के हवाले कर दिया. इसके बाद भीड़ ने दास को बेरहमी से पीटा, उसे एक पेड़ से लटकाया और अंत में उसके शव को आग के हवाले कर दिया. चौंकाने वाली बात यह है कि इस हिंसा में उसके कुछ सहकर्मियों की भी संलिप्तता बताई जा रही है.

पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा?

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के बाद यासीन अराफात इलाके से फरार हो गया था और छिपकर रह रहा था. गुरुवार को उसे गिरफ्तार किया गया. जांच में सामने आया है कि अराफात ने न सिर्फ दास को निशाना बनाने की साजिश रची, बल्कि स्थानीय लोगों को भड़काकर बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठा करने में भी अहम भूमिका निभाई. समुदाय में उसके प्रभाव के चलते हालात तेजी से बेकाबू हो गए और यह मामला एक जानलेवा हमले में बदल गया.

पुलिस के मुताबिक, अराफात ने खुद दीपू दास को घसीटकर एक चौराहे तक पहुंचाया, जहां उसे पेड़ से लटकाया गया और आग लगा दी गई. बताया जा रहा है कि अराफात स्थानीय मस्जिद में पढ़ाता था और शिक्षक के रूप में उसकी भूमिका अब जांच के दायरे में है. अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उसका प्रभाव इस एक घटना तक सीमित था या उसने पहले भी इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा दिया है.

अब तक 21 लोगों को हिरासत में लिया गया 

अराफात की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में अब तक 21 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है. पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. दीपू दास की हत्या के कुछ ही दिनों बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की कई और घटनाएं सामने आईं. राजबारी जिले में अमृत मंडल की ग्रामीणों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी. 

मयमनसिंह में बजेंद्र बिस्वास को गोली मार दी गई. शरियातपुर में नववर्ष की पूर्व संध्या पर हिंदू व्यापारी खोकोन चंद्र दास को चाकू मारकर जला दिया गया, जिनकी बाद में ढाका में इलाज के दौरान मौत हो गई. जेस्सोर जिले में अखबार के संपादक और कारोबारी राणा प्रताप की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि नौगांव में एक 25 वर्षीय हिंदू युवक की तालाब में डूबने से मौत हो गई, जब वह भीड़ से बचने की कोशिश कर रहा था.

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