यूक्रेन के साथ ट्रंप ने कर दिया खेल! 28 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को चुपचाप दी मंजूरी, क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस से मिला लिया हाथ
अमेरिका ने ट्रंप की मंजूरी वाली 28-सूत्रीय गोपनीय शांति योजना के जरिए रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने की कोशिश तेज की है. प्रस्ताव औपचारिक रूप से यूक्रेन को नहीं दिया गया, पर इसे वार्ता पुनर्जीवित करने और संभावित युद्धविराम की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

नई दिल्लीः रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल की खबर सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच संघर्ष रोकने के लिए तैयार की गई एक शांति योजना को चुपचाप मंजूरी दे दी है. यह योजना आने वाले महीनों में युद्ध विराम की संभावनाओं को तेज कर सकती है, हालांकि इसे अभी तक औपचारिक रूप से सामने नहीं लाया गया है.
ट्रंप ने दी 28-सूत्रीय शांति योजना को मंजूरी
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने रूस और यूक्रेन के बीच तनाव कम करने और वार्ता बहाल करने के लिए 28-सूत्रीय प्रस्ताव तैयार किया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस योजना को पिछले कई हफ्तों में अत्यंत गोपनीय तरीके से अंतिम रूप दिया गया और इस प्रक्रिया में रूसी दूत किरिल दिमित्रिएव तथा यूक्रेनी अधिकारियों से परामर्श लिया गया.
अमेरिकी वेबसाइट Axios ने पहली बार इस योजना का खुलासा किया था. रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह प्रस्ताव ट्रंप की पहले प्रस्तुत की गई 20-सूत्री गाज़ा शांति योजना से प्रेरित है. एक अधिकारी ने बताया कि योजना के बिंदुओं को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, क्योंकि यह प्रमुख हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के दौर से गुजर रही है.
यूक्रेन को नहीं सौंपा गया प्रस्ताव
तीन अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यूक्रेनी नेतृत्व को यह शांति प्रस्ताव अभी तक औपचारिक रूप से पेश नहीं किया गया है. दिलचस्प बात यह है कि मसौदे के लगभग पूरा होने का समय अमेरिकी सैन्य प्रतिनिधिमंडल की हालिया यूक्रेन यात्रा से मेल खाता है. दो अमेरिकी अधिकारियों, एक यूरोपीय प्रतिनिधि और यूक्रेनी सरकार के करीबी सूत्रों के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल बुधवार सुबह कीव पहुंचा. इस दौरे के दो प्रमुख उद्देश्य बताए गए
- सैन्य रणनीति और प्रौद्योगिकी से संबंधित मुद्दों पर चर्चा
- लंबे समय से रुकी शांति वार्ता को पुनर्जीवित करने में सहयोग
रूस-यूक्रेन युद्ध
फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए आक्रमण ने यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा सैन्य संघर्ष जन्म दिया. यह युद्ध मुख्य रूप से पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में हमलावर है, जिसमें भारी गोलाबारी, ड्रोन हमले और लंबी दूरी के मिसाइल हमले ने बड़े पैमाने पर विनाश किया है. लाखों लोग पलायन कर चुके हैं और हजारों नागरिक व सैनिक मारे गए हैं. यूक्रेन को अमेरिका और यूरोपीय देशों से सैन्य व आर्थिक समर्थन मिलता रहा है, जबकि रूस कब्जे वाले क्षेत्रों पर नियंत्रण मजबूत करने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है.
कूटनीतिक गतिरोध में नई उम्मीद
लगातार चल रहे संघर्ष और मानवीय संकट के बीच अमेरिका की इस नई पहल ने उम्मीदें जगाई हैं कि शायद दो साल से अधिक समय से चल रही लड़ाई में किसी प्रकार की प्रगति हो सके. हालांकि प्रस्ताव की सारी बातें सार्वजनिक नहीं हैं, लेकिन इसे दोनों राष्ट्रों के बीच संवाद के पुनरारंभ का संभावित आधार माना जा रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना की रूपरेखा दोनों पक्षों को स्वीकार्य हुई, तो यह युद्ध के अंत की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है. फिलहाल दुनिया भर की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या रूस और यूक्रेन अमेरिकी नेतृत्व वाले इस प्रयास को आगे बढ़ाने के लिए सहमत होंगे.


