जेलेंस्की को कोई खबर नहीं, यूक्रेन युद्ध खत्म करने की कोशिश में ट्रंप, 28 सूत्री योजना पर रूस के साथ कर रहे काम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम रूस के साथ गुप्त रूप से यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए 28-बिंदुओं वाली शांति योजना तैयार कर रही है. योजना में यूक्रेन में शांति, यूरोप की सुरक्षा, रूस-अमेरिका संबंध और सुरक्षा गारंटियां शामिल हैं.

नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी प्रशासन टीम रूस के साथ मिलकर यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए एक 28-बिंदुओं वाली शांति योजना तैयार कर रहे हैं. यह योजना पूरी तरह से गुप्त तरीके से तैयार की जा रही है और इसमें ट्रंप का कहना है कि उन्हें इस योजना को लेकर काफी उम्मीदें हैं. इस योजना की रूपरेखा अमेरिका के ट्रंप प्रशासन के अनुभव और उनके पहले के 20-बिंदुओं वाले गाजा शांति प्रस्ताव से प्रेरित है.
योजना का मुख्य उद्देश्य शांति स्थापित करना
स्टीव विटकॉफ तैयार कर रहे योजना का मसौदा
योजना का मसौदा अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ तैयार कर रहे हैं. उन्होंने इस योजना पर रूस के दूत किरिल डिमित्रिएव के साथ कई बार विस्तृत चर्चा की है. डिमित्रिएव ने एक इंटरव्यू में बताया कि अक्टूबर में मियामी में हुई बैठक में उन्होंने तीन दिन तक विटकॉफ़ और अन्य अमेरिकी अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया. उनका कहना था कि इस बार रूस की चिंताओं को पूरी गंभीरता से सुना गया है और इसलिए योजना सफल होने की संभावना अधिक है. इस शांति प्रयास में केवल युद्ध का समाधान नहीं बल्कि रूस की सुरक्षा आवश्यकताओं और अमेरिका के साथ उसके संबंधों में सुधार भी शामिल है.
यूरोप और यूक्रेन को भी जानकारी
इस योजना के बारे में यूरोपीय देशों और यूक्रेन को भी जानकारी दी जा रही है. यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रुस्तेम उमेरोव के साथ भी विटकॉफ़ ने इस योजना पर चर्चा की. यह संकेत देता है कि ट्रंप प्रशासन इस योजना को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों से सहयोग और सहमति लेने की कोशिश कर रहा है.
रूस-अमेरिका संबंधों को सुधारने में एक प्रयास
ट्रम्प की यह शांति योजना केवल युद्ध को रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यूरोप में स्थिरता बनाए रखने, रूस-अमेरिका संबंधों को सुधारने और भविष्य में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक गंभीर प्रयास है. यदि यह योजना सफल होती है, तो यह न केवल यूक्रेन युद्ध समाप्त कर सकती है बल्कि वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों को भी नया आयाम दे सकती है.


