ट्रंप का दोहरा संदेश, US-ईरान युद्ध समाप्ति के करीब, मगर 'हम नहीं रुके हैं'

ट्रंप के ताजा बयानों से लग रहा है कि ईरान संघर्ष अब खत्म होने की कगार पर है. शांति की उम्मीद जगाते हुए, दोनों पक्षों के बीच पाकिस्तान में दूसरे दौर की बातचीत जल्द शुरू हो सकती है. यह खबर उम्मीद की नई किरण बिखेर रही है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान के साथ चल रही जंग बहुत जल्द खत्म होने वाली है”, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका अपना सैन्य अभियान अभी पूरा नहीं कर चुका है. वाशिंगटन तेहरान के साथ दूसरी दौर की बातचीत की तैयारी कर रहा है, जबकि पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार है.

ट्रंप ने कहा कि ईरान डील करने के लिए बहुत उतावला है, लेकिन अमेरिका अभी भी मजबूत रुख बनाए हुए है. इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी है, जो पाकिस्तान में पहले दौर की विफल वार्ता के बाद शुरू की गई थी.

ट्रंप का बड़ा बयान 

 ट्रंप ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, मुझे लगता है कि यह लगभग खत्म हो चुका है, हां. मैं इसे लगभग खत्म होने के कगार पर मानता हूं.  उन्होंने तुरंत यह भी जोड़ा कि अमेरिका अभी ईरान के खिलाफ अभियान से पीछे नहीं हट रहा है. ट्रंप ने कहा, अगर मैं अभी यहां से चला जाऊं, तो उस देश को फिर से बसाने में उन्हें 20 साल लग जाएंगे. और हमारा काम अभी खत्म नहीं हुआ है, उन्होंने कहा. देखते हैं क्या होता है. मुझे लगता है कि वे समझौता करने के लिए बहुत बेताब हैं.

ईरान पर सैन्य कार्रवाई का औचित्य

ट्रंप ने ईरान पर सीधा सैन्य हमला करने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह जरूरी था क्योंकि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की राह पर था. उन्होंने कहा, मुझे अपना रुख बदलना पड़ा क्योंकि अगर मैंने ऐसा नहीं किया होता, तो अभी ईरान के पास परमाणु हथियार होता. और अगर उनके पास परमाणु हथियार होता, तो आप वहां हर किसी को 'सर' कहकर संबोधित कर रहे होते, और आप ऐसा नहीं करना चाहते. 

28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई समेत कई प्रमुख नेता मारे गए और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा. ईरान ने भी इसके जवाब में पश्चिम एशिया में अमेरिकी हितों पर हमले किए, जिसे ट्रंप ने पहले आश्चर्यजनक बताया था.

दूसरी दौर की बातचीत की तैयारी

ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि ईरान के साथ दूसरी दौर की बातचीत अगले दो दिनों में हो सकती है और हम इस्लामाबाद जाने के लिए ज्यादा इच्छुक हैं. पहला दौर पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई समझौता नहीं हो सका.उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा था कि ट्रंप ईरान के साथ ग्रांड बारगेन करना चाहते हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच बहुत अधिक अविश्वास है. वेंस ने कहा, आप उस समस्या को रातोंरात हल नहीं कर पाएंगे.

होर्मुज में नाकेबंदी और बढ़ता संकट

पाकिस्तान में पहली दौर की बातचीत विफल होने के तुरंत बाद अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों पर नाकेबंदी लगा दी. हजारों अमेरिकी सैनिकों और कई युद्धपोतों द्वारा लागू इस नाकेबंदी से कई जहाजों को ईरानी पानी से लौटना पड़ा है.

युद्धविराम की स्थिति और अनिश्चितताहालांकि युद्धविराम फिलहाल कायम है, लेकिन 22 अप्रैल को इसका समय समाप्त होने के बाद क्या होगा, इस पर दोनों पक्षों ने अभी कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है. होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव से युद्ध फिर भड़कने और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ने का खतरा बना हुआ है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो