ईरान पर ट्रंप का बड़ा दावा- सैन्य ताकत खत्म, अब होर्मुज की सुरक्षा के लिए भेजेंगे युद्धपोत

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित और खुला रखने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगी देश युद्धपोत भेज सकते हैं. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ईरानी नावों और तटीय ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा ताकि इस अहम समुद्री मार्ग को बंद होने से रोका जा सके.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सख्त रुख दिखाया. उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका अपने युद्धपोत भेजने को तैयार है. 

ईरान की सैन्य क्षमता पर क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप के मुताबिक कई अन्य देश भी इस पहल में अमेरिका का साथ देने पर विचार कर रहे हैं, ताकि इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को हर हाल में खुला रखा जा सके. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट के जरिए यह बयान जारी किया. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका पहले ही ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर चुका है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इसके बावजूद ईरान के पास कुछ ऐसे विकल्प अब भी मौजूद हैं, जिनसे वह समुद्री इलाके में अस्थिरता पैदा कर सकता है.

ट्रंप ने कहा कि ईरान ड्रोन हमले कर सकता है. समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछा सकता है या जलडमरूमध्य के आसपास कम दूरी की मिसाइलें दाग सकता है, जिससे क्षेत्र में खतरा बना रह सकता है. अमेरिकी नेता ने यह भी कहा कि इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा केवल अमेरिका की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि कई बड़े देश भी इसमें अपनी भूमिका निभा सकते हैं. 

उन्होंने उम्मीद जताई कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और युनाइटेड किंगडम जैसे देश भी अपने नौसैनिक जहाज इस इलाके में भेज सकते हैं. ट्रंप के अनुसार, इन देशों की भागीदारी से समुद्री मार्ग की सुरक्षा मजबूत होगी और वैश्विक व्यापार पर किसी तरह का खतरा नहीं आएगा.

 सैन्य कार्रवाई पर क्या बोले ट्रंप?

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा. ट्रंप ने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर तटीय इलाकों में हवाई हमले किए जाएंगे और ईरानी नौकाओं या जहाजों को समुद्र में ही नष्ट किया जाएगा. उनके मुताबिक यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि कोई भी ताकत इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को बाधित न कर सके.

ट्रंप ने अंत में भरोसा जताया कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश मिलकर जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह सुरक्षित और खुला बनाए रखेंगे. उनका कहना था कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से यह समुद्री मार्ग बेहद अहम है. इसलिए इसे किसी भी स्थिति में बंद नहीं होने दिया जाएगा.

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