अंतरिक्ष में बसाने की तैयारी! 1000 इंसानों को लेकर 250 साल की यात्रा पर निकलेगा ‘क्रिसेलिस’, धरती वापसी नहीं

वैज्ञानिक एक ऐसे विशाल अंतरिक्ष यान की कल्पना कर रहे हैं जो हजार लोगों को लेकर सदियों की यात्रा करेगा। यह जहाज अंतरिक्ष में ही इंसानों का घर बनेगा और पृथ्वी पर लौटने की कोई योजना नहीं होगी।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

अब तक अंतरिक्ष में जाने वाले जहाज छोटे कैप्सूल जैसे होते हैं। इनकी मदद से कुछ ही लोग अंतरिक्ष में जाते हैं। मिशन पूरा होने के बाद वे वापस धरती पर लौट आते हैं। ज्यादातर मिशन कुछ दिनों या महीनों के लिए होते हैं। लेकिन अब वैज्ञानिक इससे कहीं बड़ा सपना देख रहे हैं। वे ऐसा अंतरिक्ष यान बनाना चाहते हैं जो खुद एक पूरा शहर हो। जहां इंसान लंबे समय तक रह सकें।

क्या बनने जा रहा अंतरिक्ष का शहर?

रिपोर्टों के अनुसार इंजीनियर एक नए तरह के स्पेसक्राफ्ट पर विचार कर रहे हैं। यह जहाज सिर्फ लोगों को ले जाने के लिए नहीं होगा। बल्कि यह उनका स्थायी घर भी बनेगा। इसमें रहने, खाने और काम करने की पूरी व्यवस्था होगी। वैज्ञानिक चाहते हैं कि इसमें कई पीढ़ियां रह सकें। लोग अंतरिक्ष में ही जीवन जी सकें। यानी यह जहाज एक उड़ता हुआ शहर होगा।

क्या है ‘क्रिसेलिस’ स्पेसक्राफ्ट?

इस सोच पर आधारित एक कॉन्सेप्ट का नाम ‘क्रिसेलिस’ रखा गया है। यह एक विशाल स्पेसशिप का डिजाइन है। वैज्ञानिकों के अनुसार इसमें लगभग 1000 लोग रह सकते हैं। यह जहाज करीब 250 साल लंबी यात्रा कर सकता है। इसका लक्ष्य किसी दूसरे स्टार सिस्टम तक पहुंचना होगा। इस दौरान कई पीढ़ियां इसी जहाज में जन्म लेंगी। और वहीं अपना जीवन बिताएंगी।

जहाज के अंदर कैसी होगी दुनिया?

क्रिसेलिस के डिजाइन में बीच में एक बड़ा घूमने वाला रिंग होगा। जब यह रिंग धीरे-धीरे घूमेगा तो कृत्रिम गुरुत्वाकर्षण पैदा होगा। इससे जहाज के अंदर रहने वाले लोगों को धरती जैसी ग्रैविटी महसूस होगी। इससे लोग सामान्य तरीके से चल-फिर सकेंगे। दैनिक जीवन भी काफी हद तक धरती जैसा लगेगा। यह तकनीक अंतरिक्ष जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

क्यों जरूरी है कृत्रिम गुरुत्वाकर्षण?

अगर इंसान लंबे समय तक बिना ग्रैविटी के रहें तो शरीर पर बुरा असर पड़ता है। हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। मांसपेशियां घटने लगती हैं। दिल और रक्त प्रवाह पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए वैज्ञानिक घूमते हुए स्ट्रक्चर का उपयोग करना चाहते हैं। यह अंतरिक्ष में स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी माना जा रहा है। यही वजह है कि क्रिसेलिस के डिजाइन में यह व्यवस्था रखी गई है।

क्या जहाज में बनेगा पूरा इकोसिस्टम?

इस विशाल जहाज के अंदर पूरा बंद इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। जहाज के अंदर ही खेती की जाएगी। पौधे ऑक्सीजन पैदा करेंगे। लोग कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ेंगे जिसे पौधे इस्तेमाल करेंगे। जैविक कचरे को खाद बनाकर फिर खेती में लगाया जाएगा। इस तरह एक संतुलित जीवन चक्र बनाया जाएगा। ताकि लोग लंबे समय तक अंतरिक्ष में रह सकें।

क्या अंतरिक्ष में ही बनेगा यह जहाज?

इतना विशाल जहाज धरती से लॉन्च करना लगभग असंभव है। इसलिए वैज्ञानिकों की योजना इसे अंतरिक्ष में ही बनाने की है। अलग-अलग हिस्सों को अंतरिक्ष में ले जाकर जोड़ा जाएगा।इसके बाद यह जहाज अपनी लंबी यात्रा पर निकलेगा। सबसे खास बात यह है कि यह जहाज वापस धरती पर नहीं आएगा। यह मानव इतिहास के सबसे बड़े अंतरिक्ष मिशनों में से एक हो सकता है।

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